UP IAS IPS Protocol: उत्तर प्रदेश में कई जनप्रतिनिधियों ने सरकार से अधिकारियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई थी। शिकायतों में कहा गया कि कुछ अफसर फोन नहीं उठाते और जनता के काम समय पर नहीं करते। कई मामलों में लोगों को लंबे समय तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
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UP IAS IPS Protocol: सांसद और विधायकों को लेकर जारी हुआ आदेश
राज्य सरकार ने अधिकारियों के लिए नया निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सांसदों और विधायकों से सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। अगर कोई जनप्रतिनिधि किसी काम या शिकायत को लेकर संपर्क करता है तो अधिकारियों को जवाब देना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याएं सरकार तक पहुंचाते हैं, इसलिए उनकी बात को गंभीरता से लेना चाहिए।
UP IAS IPS Protocol: फोन कॉल और शिकायतों पर रहेगा खास ध्यान
नए निर्देश में अधिकारियों से कहा गया है कि फोन कॉल और जरूरी संदेशों को नजरअंदाज न करें। यदि किसी कारण से कॉल रिसीव नहीं हो पाती तो बाद में संपर्क करना होगा। साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्र और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि जनता से जुड़े मामलों में देरी कम हो।
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UP IAS IPS Protocol: जनता की समस्याओं को जल्दी सुलझाने की कोशिश
सरकार का मानना है कि गांव और शहरों में लोग अपनी परेशानी लेकर पहले जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं। बिजली, पानी, सड़क, राशन और पेंशन जैसी समस्याओं को लेकर लोग लगातार शिकायत करते हैं। ऐसे में अगर अधिकारी तेजी से काम करेंगे तो लोगों को राहत मिलेगी। सरकार इसी व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है।
UP IAS IPS Protocol: पहले भी अधिकारियों को दी जा चुकी चेतावनी
Yogi Adityanath पहले भी कई बार अधिकारियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने की सलाह दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सरकारी दफ्तरों में आने वाले लोगों को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि अधिकारी लोगों की समस्याएं जल्दी सुनें और उनका समाधान करें। सरकार लगातार प्रशासन को ज्यादा जिम्मेदार और जवाबदेह बनाने की कोशिश कर रही है ताकि आम लोगों को सरकारी काम के लिए ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।
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UP IAS IPS Protocol: नेताओं और अधिकारियों के बीच बढ़ा था तनाव
उत्तर प्रदेश में पहले भी कई बार नेताओं और अधिकारियों के बीच विवाद देखने को मिला था। कुछ विधायकों ने कहा था कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और जनता के काम में देरी करते हैं। वहीं कुछ अफसरों का कहना था कि उन पर ज्यादा दबाव बनाया जाता है। इन विवादों की वजह से कई बार कामकाज पर असर पड़ा। अब सरकार चाहती है कि दोनों मिलकर काम करें ताकि जनता की समस्याएं जल्दी हल हों और प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर तरीके से चल सके।
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UP IAS IPS Protocol: आदेश के बाद अब लोगों को बदलाव का इंतजार
सरकार के इस फैसले के बाद अब आम लोग यह देखना चाहते हैं कि इसका असर कितना दिखाई देता है। अगर अधिकारी समय पर शिकायतें सुनेंगे और काम जल्दी होंगे तो लोगों को राहत मिलेगी। सरकार ने साफ कहा है कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। पूरे प्रदेश में इस नए आदेश की चर्चा तेज हो गई है।
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