Gold Silver Crash: लगातार नए रिकॉर्ड बनाने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। तेज़ मुनाफावसूली, डॉलर में मजबूती और वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों के चलते सर्राफा बाजार अचानक दबाव में आ गया। हालात ऐसे रहे कि सोना एक ही दिन में करीब 25 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया, जबकि चांदी ने 24 घंटे के भीतर 85 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट दर्ज की।
रिकॉर्ड तेजी के बाद अचानक पलटा बाजार
बीते कुछ दिनों से सोने-चांदी की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर को छू रही थीं। गुरुवार को चांदी ने एमसीएक्स पर 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। लेकिन शुक्रवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई। मार्च वायदा चांदी दोपहर करीब 3:30 बजे तक गिरकर 3.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई।
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इसी तरह सोने में भी तेज गिरावट देखने को मिली। 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सोना सीधे करीब 25,500 रुपये टूटकर 1,67,406 रुपये के स्तर तक आ गया। इस अचानक गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया, वहीं ज्वेलरी कारोबारियों और छोटे खरीदारों के लिए यह कुछ हद तक राहत भरी खबर रही।
दिल्ली सर्राफा बाजार में भी भारी दबाव
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में भी शुक्रवार को कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक रुझानों और डॉलर में उछाल के बीच निवेशकों की मुनाफावसूली ने बाजार को नीचे धकेल दिया। बाजार सूत्रों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 14,000 रुपये या करीब 7.65 प्रतिशत टूटकर 1,69,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया।
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गौरतलब है कि गुरुवार को ही सोना 12,000 रुपये की उछाल के साथ 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। चांदी की कीमत भी 20,000 रुपये या लगभग पांच प्रतिशत टूटकर 3,84,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। इससे पहले चांदी 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुई थी।
विशेषज्ञों ने बताई गिरावट की बड़ी वजह
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के अनुसार, हालिया रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों ने आक्रामक तरीके से मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा लंबे सौदों में भारी बिकवाली की गई, जिससे बाजार में तेज दबाव बना। गांधी ने बताया कि तकनीकी दृष्टि से भी Gold Silver Crash कई सत्रों से अत्यधिक खरीदी की स्थिति में थे, जिससे सुधार यानी गिरावट की आशंका पहले से बनी हुई थी। डॉलर में सुधार आने से भी सर्राफा बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेज गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में Gold Silver Crash देखने को मिली। हाजिर सोना 5.31 प्रतिशत या 285.30 डॉलर टूटकर 5,087.73 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। दिन के कारोबार के दौरान सोना करीब आठ प्रतिशत तक गिरकर 4,945 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया था।
गौरतलब है कि गुरुवार को सोना 5,595 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद 5,371 डॉलर पर बंद हुआ था। वहीं, हाजिर चांदी भी 12 प्रतिशत से अधिक गिरकर 101.47 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। दिन के दौरान इसमें 17 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
वैश्विक अनिश्चितता और फेड को लेकर चिंता
इनक्रेड मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय कुप्पा के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर मुनाफावसूली और अनिश्चितता ने भी कीमतों को नीचे धकेला है। उन्होंने कहा कि हालिया तेज उछाल के बाद ऊंचे स्तर पर कोई मजबूत समर्थन नहीं बन पाया था, जिससे तकनीकी सुधार काफी तेज रहा।
इसके अलावा अमेरिका में फेडरल रिजर्व के नेतृत्व को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने भी बाजार में जोखिम से बचने का माहौल बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को फेड के अगले प्रमुख के रूप में नामित किए जाने की चर्चाओं से निवेशकों में आशंका बढ़ी है कि भविष्य की मौद्रिक नीति ज्यादा सख्त हो सकती है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशक इसे खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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