By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Uttarkashi Jal Jeevan Mission: उत्तरकाशी में जल जीवन मिशन की हकीकत, 5 साल बाद भी 51 गांव ‘हर घर नल’ से दूर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > उत्तराखंड > Uttarkashi Jal Jeevan Mission: उत्तरकाशी में जल जीवन मिशन की हकीकत, 5 साल बाद भी 51 गांव ‘हर घर नल’ से दूर
उत्तराखंड

Uttarkashi Jal Jeevan Mission: उत्तरकाशी में जल जीवन मिशन की हकीकत, 5 साल बाद भी 51 गांव ‘हर घर नल’ से दूर

Manisha
Last updated: 2026-01-14 9:18 पूर्वाह्न
Manisha Published 2026-01-14
Share
Uttarkashi Jal Jeevan Mission
Uttarkashi Jal Jeevan Mission: उत्तरकाशी में जल जीवन मिशन की हकीकत, 5 साल बाद भी 51 गांव ‘हर घर नल’ से दूर
SHARE

Uttarkashi Jal Jeevan Mission: केंद्र सरकार की बहुप्रचारित और महत्वाकांक्षी Uttarkashi Jal Jeevan Mission  को शुरू हुए पांच साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सीमांत पर्वतीय जिला उत्तरकाशी में आज भी इस योजना की जमीनी तस्वीर चिंताजनक बनी हुई है। अगस्त 2019 में शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2024 तक ‘हर घर नल, हर घर जल’ सुनिश्चित करना था, लेकिन तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जिले के 51 गांव ऐसे हैं, जहां नल से शुद्ध पेयजल पहुंचना अब भी सपना बना हुआ है।

Contents
51 गांवों में अब भी नहीं पहुंचा Uttarkashi Jal Jeevan Missionगर्मी और सर्दी दोनों में बढ़ती है परेशानीइन विकासखंडों में Uttarkashi Jal Jeevan Mission अधूरा121 करोड़ से ज्यादा की योजनाएं अटकींवन स्वीकृति बनी सबसे बड़ी बाधाराजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ाग्रामीणों की एक ही मांग!

51 गांवों में अब भी नहीं पहुंचा Uttarkashi Jal Jeevan Mission

उत्तरकाशी जिले के डुंडा, चिन्यालीसौड़, नौगांव, बड़कोट, पुरोला और मोरी विकासखंड के कुल 51 गांव आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। इन गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पुराने प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई गांवों में लोगों को पानी लाने के लिए पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है।

READ MORE: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां पूरी, 2.16 लाख से अधिक छात्र होंगे शामिल

गर्मी और सर्दी दोनों में बढ़ती है परेशानी

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गर्मियों में कई प्राकृतिक स्रोत सूख जाते हैं, जिससे पानी की समस्या और गंभीर हो जाती है। वहीं सर्दियों में पहाड़ी क्षेत्रों में पानी जम जाने से हालात और बिगड़ जाते हैं। कई गांवों में सुबह से शाम तक पानी जुटाने में ही लोगों का समय निकल जाता है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

इन विकासखंडों में Uttarkashi Jal Jeevan Mission अधूरा

डुंडा विकासखंड के हिटाणू, कुमराडू, मंजगांव, ग्योनोटी और खटूखाल गांवों में योजना पूरी नहीं हो पाई है। चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के खालसी, चिलोट, जोगत तल्ला और जोगत मल्ला गांव भी अब तक नल से पानी से वंचित हैं। नौगांव ब्लॉक के खांसी पोंटी, कंडारी और देवराना गांवों में भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बड़कोट तहसील के क्वाडी, सापेटा, कफनोल, धख्याड और पाली गांवों में भी जल जीवन मिशन अधूरा है। इसके अलावा पुरोला ब्लॉक के रामा, सौन्दरी, गुंदियाडगांव और मोरी ब्लॉक के खन्यासी, हलताडी, सुंचनगांव, डाटमीर, डांगनगांव, सिरगा, मसारी, कलाप, सौर, पंव मल्ला, पासा, नानाई, पेटडी, लुदरला, गुराडी, कामरा, देवती, झोटाड़ी, धारा, अदासु, गोकुल, कलीच, बरनाली, मैंजाणी, किरोली, मौंड़ा, चिंवा, बामसू, देवरा और गैंचवान गांव शामिल हैं।

READ MORE: उत्तराखंड में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सरकार सख्त, सीएम धामी ने दिए कड़े निर्देश

121 करोड़ से ज्यादा की योजनाएं अटकीं

इन 51 गांवों में Uttarkashi Jal Jeevan Mission  के तहत स्वीकृत योजनाओं की कुल लागत करीब 121 करोड़ 77 लाख रुपये है। हालांकि, अधिकांश योजनाएं वन भूमि से जुड़ी स्वीकृतियों में फंसी हुई हैं। कहीं काम शुरू ही नहीं हो पाया है, तो कहीं 80 से 90 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद अंतिम चरण में वन भूमि की बाधा आ गई है, जिससे योजनाएं अधर में लटक गई हैं।

Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

वन स्वीकृति बनी सबसे बड़ी बाधा

उत्तरकाशी जल निगम के अधिशासी अभियंता मधुकांत कोटियाल का कहना है कि जिले में Uttarkashi Jal Jeevan Mission के अधूरे रहने का सबसे बड़ा कारण वन भूमि से संबंधित आपत्तियां हैं। पाइपलाइन बिछाने और अन्य निर्माण कार्यों के लिए वन विभाग की अनुमति जरूरी होती है। संबंधित प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू या पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब 26 गांव ऐसे हैं, जहां अभी तक योजना का काम शुरू भी नहीं हो पाया है, जबकि कई गांवों में कार्य आंशिक रूप से पूरा हुआ है।

उत्तराखंड की बड़ी खबर देखने के लिये क्लिक करे

राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ा

कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रदीप रावत ने कहा कि यदि Uttarkashi Jal Jeevan Mission  के कार्यों में जल्द तेजी नहीं लाई गई, तो ग्रामीणों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से वन स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है, ताकि लोगों को रोजाना पानी ढोने की मजबूरी से राहत मिल सके।

ग्रामीणों की एक ही मांग!

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाएं कागजों में पूरी दिख रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। लोगों की मांग है कि प्रशासन और सरकार मिलकर वन स्वीकृति जैसी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दें, ताकि जल जीवन मिशन का असली लाभ पहाड़ के अंतिम गांव तक पहुंच सके।

पढ़े ताजा अपडेट:  Hindi News, Today Hindi News, Breaking News

You Might Also Like

धारी देवी दर्शन से लौटते समय हादसा, Bungee Jumping Death Case ने छीनी 21 वर्षीय छात्र की जिंदगी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

Uttarakhand Avalanche Incident: मौत को छूकर लौटे 19 पर्वतारोही! उत्तराखंड की बर्फीली चोटियों में सामने आया प्रकृति का खौफनाक चेहरा

Uttarakhand Water Disaster: पिघलते ग्लेशियरों ने बढ़ाई चिंता, उत्तराखंड में मंडरा रहा नई जल आपदा का खतरा

Delhi Rishikesh RRTS Project: उत्तराखंड में डबल इंजन सरकार का बड़ा प्लान,अब दिल्ली से ऋषिकेश सिर्फ 2.5 घंटे में!

Paltan Bazaar Fire: देहरादून के ऐतिहासिक पलटन बाजार में भीषण अग्निकांड, साड़ी और लहंगा शोरूम जलकर खाक

TAGGED:forest clearance issueforest land clearanceHimalayan water scarcityJal Jeevan Mission delayrural drinking water schemerural Uttarakhand drinking watertap water villagesUttarakhand water crisisUttarkashi Jal Jeevan MissionUttarkashi villages water problem
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Fake IPS Arrested in Lucknow: Minor altercation reveals major secret; young man was roaming around posing as an officer.
उत्तर प्रदेश

Lucknow News: छोटी सी कहासुनी से खुला बड़ा राज, फर्जी अफसर बनकर घूम रहा था युवक

Kannu Kannu 2026-06-16
Oman Sea Accident: ओमान के रास अल हद्द के पास डूबा ‘विराट 1’, 14 भारतीय क्रू मेंबर्स की जान पर आई आफत
Ankita Case 2026: अंकिता भंडारी केस में फिर आया नया मोड़, सुरेश राठौर की गिरफ्तारी से मची हलचल
Uttarakhand Lokayukta Formation: लोकायुक्त गठन की दिशा में बड़ा कदम, अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए बनी सर्च कमेटी
Anikha Surendran Green Saree Look: सादगी में छिपा ग्लैमर, जिसने फैंस को कर दिया दीवाना
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?