Orange Alert: उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के कई जिलों के लिए Orange Alert जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन, चट्टान गिरने और बिजली चमकने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कई जिलों में एहतियातन स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है, जबकि पहाड़ी इलाकों में सड़कें बार-बार बंद होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
राज्य में लगातार सक्रिय मानसून का असर पर्यटन, चारधाम यात्रा और स्थानीय आवागमन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मसूरी में जहां 100 साल पुराना विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया, वहीं उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आ गए। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
इन जिलों में Orange Alert, बाकी में भी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में Orange Alert जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 14 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
भूस्खलन और बिजली गिरने का खतरा बढ़ा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी कमजोर हो चुकी है। ऐसे में कई स्थानों पर मध्यम स्तर के भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। राजमार्गों पर मलबा आने, सड़क कटाव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का भी खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने की अपील की है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी यात्रा शुरू करने से पहले सड़क और मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। अल्मोड़ा में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इसी तरह देहरादून, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही विद्यालयों के संचालन को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
मसूरी में 100 साल पुराना पेड़ गिरने से मचा हड़कंप
बारिश के बीच पहाड़ों की रानी मसूरी में एक बड़ा हादसा टल गया। अपर माल रोड स्थित बेकरी हिल के पास लगभग 100 वर्ष पुराना विशाल खाखसी प्रजाति का पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा।
पेड़ की चपेट में एक कार और तीन स्कूटी आ गईं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वाहनों में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई। पेड़ गिरने के बाद अपर माल रोड पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पर्यटक और स्थानीय लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे।
संयुक्त अभियान चलाकर हटाया गया पेड़
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी तने को हटाने के लिए कटर मशीनों की मदद ली गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से पेड़ हटाया गया और यातायात बहाल किया जा सका।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण पुराने और कमजोर पेड़ों के गिरने की संभावना बढ़ जाती है। विभाग ऐसे संवेदनशील पेड़ों की पहचान कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर उनकी शाखाओं की कटाई तथा अन्य सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
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उत्तरकाशी में हाईवे बार-बार हो रहे बंद
उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नालूपानी के पास भारी मलबा आने से बाधित हो गया। हालांकि बाद में मशीनों की सहायता से मार्ग खोला गया, लेकिन पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है।
वहीं स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी भूस्खलन की वजह से बंद हो गया। संबंधित विभागों की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाने में जुटी हुई हैं ताकि यात्रा जल्द से जल्द सामान्य हो सके।
हाई अलर्ट पर प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी ने जिले में हाई अलर्ट घोषित करते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के लिए कहा गया है।
भूस्खलन संभावित स्थानों पर पहले से मशीनें और पर्याप्त मैनपावर तैनात की जा रही है ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल राहत एवं बहाली का कार्य शुरू किया जा सके।
अगले 48 घंटे बेहद अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए अगले दो दिन उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। Orange Alert वाले जिलों में प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी ढलानों से दूरी बनाए रखने और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहे हैं। यदि बारिश की तीव्रता और बढ़ती है तो प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भी तैनात किए जा सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, सड़क संपर्क बहाल रखना और किसी भी आपात स्थिति से तेजी से निपटना है।
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