Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली है कि लोगों के सामने एक साथ कई तरह की परेशानियां खड़ी हो गई हैं। कहीं तेज बारिश और आंधी जनजीवन को प्रभावित कर रही है, तो कहीं जंगल धधकती आग की चपेट में हैं। पहाड़ी जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश के बाद बढ़ी उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ताजा Uttarakhand Weather Update के अनुसार मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है।
देर रात बदला मौसम का मिजाज
बुधवार देर रात अचानक मौसम ने करवट ली और राजधानी देहरादून सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज आंधी के कारण सहस्रधारा रोड, रायपुर, प्रेमनगर, डोईवाला और आसपास के इलाकों में कई पेड़ गिर गए। कुछ स्थानों पर बिजली के पोल और तार टूटने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई जगह टिनशेड उड़ने और अस्थायी ढांचे क्षतिग्रस्त होने की भी खबरें सामने आईं।
ताजा Uttarakhand Weather Update के मुताबिक तेज हवाओं और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और बिजली कटौती ने परेशानियां भी बढ़ा दीं।
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हरिद्वार से ऊधमसिंहनगर तक असर
हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश में देर रात धूलभरी आंधी के बाद बारिश हुई। कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। खेतों में खड़ी फसलें भी तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित हुई हैं। ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर, काशीपुर और बाजपुर में पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी और रामनगर में भी मौसम का असर साफ दिखाई दिया। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। वहीं लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता
इस बार का Uttarakhand Weather Update किसानों के लिए चिंता लेकर आया है। देहरादून और बागेश्वर के कई इलाकों में अचानक हुई ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कुछ देर तक गिरे ओलों के कारण खेतों और बगीचों में सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय किसानों का कहना है कि सब्जियों और फलों की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश भी दर्ज की गई। मौसम में आई ठंडक के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई है। कई लोगों ने इसे इस सीजन का सबसे अस्थिर मौसम बताया।
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जंगलों में धधकी आग, 37 स्थानों पर वनाग्नि
एक तरफ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, वहीं दूसरी तरफ जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ताजा Uttarakhand Weather Update के अनुसार गुरुवार को प्रदेशभर में 37 स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गईं। वन विभाग के मुताबिक सैकड़ों हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है।
उत्तरकाशी के जोशीयाड़ा स्थित बाड़ाहाट रेंज के ज्ञानसू क्षेत्र में जंगल कई घंटों तक धधकते रहे। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती रही। वन विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियां लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं।
फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने प्रदेश के लिए 150 से अधिक फायर अलर्ट जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती वनाग्नि से वन संपदा और वन्यजीवों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कई इलाकों में धुएं के कारण वायु गुणवत्ता भी खराब हुई है।
गर्मी और उमस ने बढ़ाई परेशानी
बारिश के बावजूद मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की में बारिश के बाद उमस भरा मौसम बना हुआ है। अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। लगातार बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
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सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा Uttarakhand Weather Update के मुताबिक उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान लोग पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
वन विभाग ने जंगलों में आग बुझाने में सहयोग नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आग की सूचना छिपाने या सहयोग नहीं करने वालों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उत्तराखंड में मौसम के लगातार बदलते हालात ने प्रशासन और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव मानी जा रही है।
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