पीड़िता की मां ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का लगाया आरोप, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
कासगंज जिले के अमांपुर कस्बे में कथित Love Jihad के आरोपों से जुड़े एक मामले को लेकर मंगलवार को माहौल गर्मा गया। पुलिस की कार्रवाई में कथित देरी के विरोध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अमांपुर थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़िता की सुरक्षित बरामदगी की मांग की।
6 जुलाई को नाबालिग के लापता होने का मामला
पीड़िता की मां के अनुसार, 6 जुलाई को अमांपुर क्षेत्र की एक नाबालिग हिंदू किशोरी को एक मुस्लिम युवक कथित रूप से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। महिला ने इस घटना को कथित Love Jihad से जोड़ते हुए अमांपुर थाने में लिखित तहरीर दी और तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता की मां का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया। उनका कहना है कि यदि पुलिस ने कथित Love Jihad के इस मामले को शुरुआत से गंभीरता से लिया होता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
Love Jihad मामले को लेकर पीड़िता की मां ने लगाए गंभीर आरोप
महिला का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए उन्हें कई बार थाने के चक्कर लगाने पड़े। उन्होंने यह भी दावा किया कि न्याय की मांग को लेकर उन्होंने क्षेत्रीय विधायक हरिओम वर्मा से भी संपर्क किया। महिला के अनुसार विधायक ने भी पुलिस अधिकारियों से बात कर कार्रवाई का अनुरोध किया, लेकिन तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस की ओर से भी इन आरोपों पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
Love Jihad मामले को लेकर हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
Love Jihad मामले की जानकारी मिलने के बाद आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अमांपुर थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कथित Love Jihad के मामले में पुलिस ने अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच, आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़िता की सुरक्षित बरामदगी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान थाने के बाहर कुछ समय तक नारेबाजी भी की गई।
सात दिन बाद मुकदमा दर्ज होने का दावा
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि घटना 6 जुलाई की थी, जबकि मुकदमा लगभग सात दिन बाद दर्ज किया गया। उनका कहना है कि कार्रवाई में हुई इस देरी से कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की।
पुलिस ने बताया कि मामले में प्राप्त शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे
स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक हरिओम वर्मा भी अमांपुर कोतवाली पहुंचे। उनके साथ सीओ सहावर दुर्गेश कुमार मिश्र और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी।
इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री नुकुल, बजरंग दल जिला संयोजक गोविंद मेहरे, नगर संघचालक राकेश पाराशर, भाजपा जिला महामंत्री संजय सोलंकी, भाजपा मंडल अध्यक्ष चित्तर सिंह तथा बजरंग दल जिला सहसंयोजक राज दिवाकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
निष्पक्ष जांच की मांग
हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि कथित Love Jihad के इस मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि जांच में किसी स्तर पर पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।




