By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: IPS Deputation Case: उत्तराखंड के दो IPS अफसरों को CAT से राहत, प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > उत्तराखंड > IPS Deputation Case: उत्तराखंड के दो IPS अफसरों को CAT से राहत, प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक
उत्तराखंड

IPS Deputation Case: उत्तराखंड के दो IPS अफसरों को CAT से राहत, प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक

Lokhit Kranti
Last updated: 2026-04-08 2:27 pm
Lokhit Kranti Published 2026-04-08
Share
IPS Deputation Case
IPS Deputation Case: उत्तराखंड के दो IPS अफसरों को CAT से राहत, प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक
SHARE

IPS Deputation Case: देहरादून से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक खबर सामने आई है, जहां IPS Deputation Case में उत्तराखंड के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने फिलहाल उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद राज्य और केंद्र के बीच अधिकारियों की तैनाती को लेकर चल रही बहस एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।

Contents
क्या है पूरा मामला?बिना सहमति के भेजे जाने का आरोपकैसे बढ़ा मामला आगे?CAT का अहम फैसलानियमों और प्रक्रिया पर उठे सवालक्या कहता है प्रशासनिक ढांचा?आगे क्या होगा?

क्या है पूरा मामला?

Central Administrative Tribunal (CAT) में पहुंचे इस IPS Deputation Case में दो वरिष्ठ अधिकारी, Neeru Garg और Arun Mohan Joshi, ने अपनी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को चुनौती दी थी।

दोनों अधिकारी वर्तमान में उत्तराखंड में पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर कार्यरत हैं। केंद्र सरकार ने इन्हें क्रमशः Indo-Tibetan Border Police (ITBP) और Border Security Force (BSF) में उप महानिरीक्षक (DIG) के रूप में तैनात करने का आदेश जारी किया था।

बिना सहमति के भेजे जाने का आरोप

इस IPS Deputation Case की सबसे अहम बात यह है कि दोनों अधिकारियों ने दावा किया है कि उन्हें बिना उनकी सहमति के प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने न तो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया और न ही इसके लिए सहमति दी। अधिकारियों का यह भी कहना है कि IG रैंक से DIG रैंक पर भेजना उनके लिए “प्रोफेशनल डिमोशन” जैसा है, जो सेवा नियमों के खिलाफ है।

Read More: हरिद्वार में बड़ा हादसा टला, लोहे के पुल पर चढ़े युवक को पुलिस ने सुरक्षित उतारा

कैसे बढ़ा मामला आगे?

इस पूरे IPS Deputation Case की शुरुआत तब हुई जब 5 मार्च 2026 को गृह मंत्रालय ने दोनों अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के आदेश जारी किए। इसके अगले ही दिन, 6 मार्च को उत्तराखंड सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त भी कर दिया।

इसके बाद दोनों अधिकारियों ने इस आदेश को Nainital High Court में चुनौती दी। हालांकि हाईकोर्ट से उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली और उन्हें CAT जाने की सलाह दी गई।

CAT का अहम फैसला

मामला जब Central Administrative Tribunal पहुंचा, तो वहां से अधिकारियों को राहत मिली। CAT ने फिलहाल इस IPS Deputation Case में प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही, ट्रिब्यूनल ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर पूरे मामले से संबंधित दस्तावेज और प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत करे।

Read More: देहरादून हत्याकांड के बीच टिकैत का बड़ा बयान, ‘काली थार’ पर उठे सवाल

नियमों और प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस IPS Deputation Case ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार को भेजे गए नामों के पीछे उनकी सहमति नहीं ली गई थी।

बताया गया है कि 16 फरवरी 2026 को राज्य सरकार ने उनके नाम केंद्र को भेजे थे, जिसके बाद प्रतिनियुक्ति के आदेश जारी किए गए। अधिकारियों ने यह भी दलील दी कि उन्हें पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से छूट मिल चुकी थी, फिर भी उन्हें जबरन भेजा जा रहा है।

क्या कहता है प्रशासनिक ढांचा?

भारत में अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होती है, जिसमें अधिकारी की सहमति और सेवा नियमों का पालन जरूरी माना जाता है।

Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा  ख़बर

इस IPS Deputation Case में यही मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बन गया है—क्या बिना सहमति के प्रतिनियुक्ति संभव है? और क्या वरिष्ठ अधिकारी को निचले पद पर भेजा जा सकता है?

आगे क्या होगा?

अब इस IPS Deputation Case में अगला कदम राज्य सरकार के जवाब पर निर्भर करेगा। यदि सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती है, तो यह मामला और लंबा खिंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस भविष्य में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

उत्तराखंड के इन दो आईपीएस अधिकारियों को मिली राहत ने प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। IPS Deputation Case अब केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सेवा नियमों, अधिकारों और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।

पढ़े ताजा अपडेट:  Hindi News, Today Hindi News, Breaking News

You Might Also Like

Uttarakhand Heavy Rain: हरिद्वार में बारिश बनी आफत, हाईवे पर धंसी पुलिया, जलभराव में फंसी बस और कारें, कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित

Uttarakhand School Holiday: भारी बारिश के बीच कई जिलों में स्कूल बंद, टिहरी में भूस्खलन से इमारत ढही, प्रशासन हाई अलर्ट पर

उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी, Orange Alert के बीच मसूरी में 100 साल पुराना पेड़ गिरा, उत्तरकाशी में भूस्खलन से हाईवे प्रभावित

Ramganga River Blockage: पिथौरागढ़ में बड़ा खतरा! पहाड़ी दरकने से रुकी रामगंगा नदी, 600 मीटर लंबी झील बनी, कई गांवों पर मंडराया संकट

Badrinath Offering Case: बदरीनाथ चढ़ावा विवाद ने लिया कानूनी मोड़, BKTC कर्मी प्रमोद नौटियाल पर FIR दर्ज, पुलिस और विभागीय जांच साथ-साथ

TAGGED:administrative law IndiaCAT decision IndiaCAT order Indiacentral deputation disputecentral deputation issuecivil services disputecivil services newsIPS Deputation CaseIPS deputation newsUttarakhand IPS newsUttarakhand IPS officers
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Kasganj SDM Mohammad Nasir
उत्तर प्रदेश

Kasganj SDM Mohammad Nasir ने पेश की मानवता की मिसाल, घायल महिला को सरकारी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल

News Desk News Desk 2026-07-15
Lockupp 2: प्यार में हमेशा हार मिली… गौरव खन्ना की एंट्री से पहले आकांक्षा चमोला का दर्दनाक बयान
IMD Rain Alert: बारिश ने दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार रोकी, सड़कें बनीं तालाब… नोएडा से गुरुग्राम तक जाम ही जाम
Ayodhya Ram Mandir News: ‘सिर्फ 8 लोग शामिल, पूरे ट्रस्ट को बदनाम करना गलत’…राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर CM योगी का बड़ा बयान
TV Celebrity News: ‘अगर अलग थे तो साथ क्यों दिखे?’ आकांक्षा-गौरव विवाद पर हिना खान और रुबीना दिलैक का बयान
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Follow Us

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?