By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Disaster Hotspot: उत्तराखंड के तीन जिले बने Disaster Hotspot, मानसून से पहले अलर्ट मोड में सरकार
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > उत्तराखंड > Disaster Hotspot: उत्तराखंड के तीन जिले बने Disaster Hotspot, मानसून से पहले अलर्ट मोड में सरकार
उत्तराखंड

Disaster Hotspot: उत्तराखंड के तीन जिले बने Disaster Hotspot, मानसून से पहले अलर्ट मोड में सरकार

Manisha
Last updated: 2026-05-16 8:24 पूर्वाह्न
Manisha Published 2026-05-16
Share
Disaster Hotspot
उत्तराखंड के तीन जिले बने Disaster Hotspot, मानसून से पहले अलर्ट मोड में सरकार
SHARE

Disaster Hotspot: उत्तराखंड में हर साल मानसून अपने साथ तबाही की कहानियां लेकर आता है, लेकिन इस बार राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग पहले से ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहा है. हाल ही में हुए विस्तृत सर्वे में उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ को राज्य के सबसे बड़े Disaster Hotspot जिलों के रूप में चिन्हित किया गया है. सैटेलाइट इमेजरी और भू-वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर तैयार रिपोर्ट ने साफ किया है कि आने वाले वर्षों में इन इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा और बढ़ सकता है.

Contents
उत्तरकाशी क्यों बना सबसे बड़ा Disaster Hotspot?चमोली में ग्लेशियर और भूधंसाव सबसे बड़ी चिंतापिथौरागढ़ में बढ़ रहा फ्लैश फ्लड का खतराहिमालय की भूगर्भीय संरचना बढ़ा रही खतराबदलता मौसम बढ़ा रहा खतरासरकार ने शुरू की नई तैयारी

राज्य सरकार अब मानसून से पहले इन जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों का ड्रोन सर्वे कराने जा रही है, ताकि संभावित खतरे वाले इलाकों की पहचान कर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें. विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी भूगर्भीय संरचना, जलवायु परिवर्तन और अनियोजित विकास गतिविधियों ने इन जिलों को गंभीर Disaster Hotspot में बदल दिया है.

उत्तरकाशी क्यों बना सबसे बड़ा Disaster Hotspot?

सीमांत उत्तरकाशी जिला लंबे समय से प्राकृतिक आपदाओं का केंद्र रहा है. यहां बादल फटना, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और भूकंप जैसी घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. साल 1991 का विनाशकारी भूकंप आज भी लोगों की यादों में जिंदा है. रिक्टर स्केल पर 6.8 तीव्रता वाले इस भूकंप ने हजारों घर तबाह कर दिए थे और सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी.

Read More: दीपक जोशी की बड़ी जीत, उत्तराखंड सचिवालय संघ में फिर मजबूत हुई पकड़

इसके बाद 2012 में अस्सी गंगा घाटी में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई थी. अचानक आई बाढ़ में कई गांव बह गए और बड़ी संख्या में लोग लापता हो गए थे. हाल के वर्षों में धराली और आसपास के इलाकों में हुई घटनाओं ने भी यह साबित किया कि उत्तरकाशी लगातार एक संवेदनशील Disaster Hotspot बना हुआ है.

विशेषज्ञ बताते हैं कि यहां की कमजोर चट्टानें, खड़ी ढलानें और अत्यधिक वर्षा आपदा के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं. मानसून के दौरान यहां सड़कें बंद होना और मलबा गिरना आम बात बन चुकी है.

चमोली में ग्लेशियर और भूधंसाव सबसे बड़ी चिंता

चमोली जिला भी उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील Disaster Hotspot क्षेत्रों में शामिल है. यह जिला भूकंप, ग्लेशियर टूटने और भूधंसाव जैसी घटनाओं से लगातार जूझ रहा है. साल 2021 में ऋषिगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से आई फ्लैश फ्लड ने पूरे देश को हिला दिया था. इस हादसे में 200 से ज्यादा लोग मारे गए या आज तक लापता हैं.

वहीं, 2023 में ज्योतिर्मठ में सामने आया भूधंसाव संकट अब भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. सैकड़ों घरों में दरारें आ गईं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा. वैज्ञानिकों का मानना है कि अनियोजित निर्माण और लगातार बढ़ती मानवीय गतिविधियों ने इस Disaster Hotspot को और अधिक अस्थिर बना दिया है.

चमोली में बदरीनाथ हाईवे सहित कई प्रमुख सड़कें हर साल भूस्खलन की वजह से बाधित होती हैं. इससे न केवल स्थानीय लोग प्रभावित होते हैं बल्कि चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ता है.

Read More: उत्तराखंड में Fuel Saving Guidelines लागू, वर्क फ्रॉम होम से ‘No Vehicle Day’ तक, सरकार का बड़ा ऊर्जा बचत प्लान

पिथौरागढ़ में बढ़ रहा फ्लैश फ्लड का खतरा

नेपाल और चीन की सीमा से लगा पिथौरागढ़ जिला भी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. यहां काली नदी का जलस्तर बढ़ने पर सीमांत क्षेत्रों में बड़ा खतरा पैदा हो जाता है. साल 2020 में काली नदी में आई बाढ़ ने कई गांवों और संपर्क मार्गों को भारी नुकसान पहुंचाया था.

साल 2016 में मुनस्यारी क्षेत्र में बादल फटने और 2024 में बंगापानी क्षेत्र में आई फ्लैश फ्लड ने इस जिले को बड़े Disaster Hotspot के रूप में स्थापित कर दिया. विशेषज्ञों के अनुसार मिलम ग्लेशियर क्षेत्र में लगातार हो रहे बदलाव आने वाले समय में और गंभीर खतरे का संकेत दे रहे हैं.

मानसून के दौरान यहां भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. कई गांवों का संपर्क घंटों नहीं बल्कि कई दिनों तक टूट जाता है.

हिमालय की भूगर्भीय संरचना बढ़ा रही खतरा

भूवैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ की संवेदनशीलता के पीछे सबसे बड़ी वजह हिमालय की भूगर्भीय संरचना है. ये तीनों जिले मेन सेंट्रल थ्रस्ट (MCT) जोन में आते हैं, जिसे हिमालय का सबसे सक्रिय भूगर्भीय क्षेत्र माना जाता है.

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

विशेषज्ञ एसपीएस बिष्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में धरती के भीतर लगातार ऊर्जा रिलीज होती रहती है, जिससे भूकंप और भूगर्भीय हलचल की आशंका बनी रहती है. भारी बारिश, कमजोर चट्टानें और तेजी से बदलता मौसम इन जिलों को स्थायी Disaster Hotspot बना रहे हैं.

बदलता मौसम बढ़ा रहा खतरा

उत्तराखंड में मानसून का पैटर्न तेजी से बदल रहा है. पहले जहां बारिश सीमित समय तक होती थी, वहीं अब कम समय में अत्यधिक वर्षा की घटनाएं बढ़ गई हैं. यही वजह है कि बादल फटने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.

जलवायु परिवर्तन का असर हिमालयी क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है. ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि समय रहते वैज्ञानिक और संतुलित विकास मॉडल नहीं अपनाया गया, तो आने वाले वर्षों में ये Disaster Hotspot जिले और ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं.

सरकार ने शुरू की नई तैयारी

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने मानसून से पहले विशेष कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है. संवेदनशील इलाकों में ड्रोन सर्वे कराया जाएगा और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां समय रहते सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे. इसके अलावा स्थानीय लोगों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया जा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल राहत और बचाव कार्यों से समस्या का समाधान नहीं होगा. अनियोजित निर्माण, पहाड़ों की कटाई और नदियों के किनारे बढ़ते अतिक्रमण पर सख्ती जरूरी है. उत्तराखंड के ये तीन Disaster Hotspot जिले आने वाले समय के लिए गंभीर चेतावनी बन चुके हैं.

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

Trekking Routes GPS Mapping: अब नहीं भटकेंगे ट्रैकर्स, 100 ट्रेकिंग रूट्स होंगे डिजिटल मैप पर दर्ज

Nanda Raj Jat Yatra 2026: यात्रा मार्ग पर जगमगाएंगे दुर्गम रास्ते, 2.25 करोड़ की सोलर लाइट परियोजना को मिली मंजूरी

Adventure Tourism Uttarakhand को मिलेगी नई उड़ान, टौंस नदी में होगा इंटरनेशनल वाटर स्पोर्ट्स इवेंट, कुमाऊं में जुटेंगे देशभर के विशेषज्ञ

Kedarnath Yatra में बड़ा हादसा, शॉर्टकट बना मौत का रास्ता, खाई में गिरने से युवक की मौत, दूसरा गंभीर घायल

Cinnamon Farming से बदलेगी उत्तराखंड की तस्वीर, दालचीनी उत्पादन का राष्ट्रीय केंद्र बनने की ओर बढ़ा राज्य

TAGGED:Chamoli Disaster NewsCloudburst in Uttarakhanddisaster management UttarakhandHimalayan Disaster RiskJoshimath CrisisPithoragarh Flash FloodUttarakhand Disaster HotspotUttarakhand Landslide NewsUttarakhand Monsoon AlertUttarkashi News
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Peddi Film Controversy
मनोरंजनबॉलीवुड

Janhvi Kapoor Achiyamma: जाह्नवी के ‘अचियम्मा’ लुक पर भड़कीं अनु अग्रवाल, कहा- बड़ी स्टारकास्ट देखकर फिल्में मत चुनो

Rupam Rupam 2026-06-07
Kainchi Dham Shuttle Service: कैंची मेले के लिए चलेगी विशेष शटल सेवा, प्रशासन ने तय किया किराया
Youngest Indian Cricketer: 15 साल में इतिहास! वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में धमाकेदार एंट्री
UP Voter List 2026: फाइनल वोटर लिस्ट जारी, वोटरों की पहचान के लिए नया 9 अंकों का सिस्टम लागू
Shamli Conversion Case: चांदनी के प्यार में पड़ा आयुष, फिर बदला धर्म और नाम? जांच में सामने आए चौंकाने वाले राज
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?