Ram Mandir Trust Donation Records: अयोध्या के राम मंदिर को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO द्वारा मांगी गई वित्तीय जानकारी पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जवाब देने से इनकार कर दिया है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट ने चल रही एसआईटी जांच का हवाला देते हुए आय-व्यय और दान से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की। इस पूरे मामले के केंद्र में राम मंदिर ट्रस्ट का डोनेशन रिकॉर्ड (Ram Mandir Trust Donation Record) है, जो अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
बीजेपी नेता की शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला
यह मामला तब शुरू हुआ जब अयोध्या के स्थानीय बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में प्राप्त दान, चढ़ावे और जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए।
रजनीश सिंह ने अपने पत्र में मांग की थी कि राम मंदिर ट्रस्ट के दान संबंधी रिकॉर्ड (Ram Mandir Trust Donation Records) और ट्रस्ट की संपत्तियों का पूरा ब्योरा जनता के सामने रखा जाए। इसके बाद मामला पीएमओ तक पहुंचा और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।
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PMO ने मांगी वित्तीय जानकारी
शिकायत मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले को अयोध्या जिला प्रशासन के पास भेज दिया। प्रशासन ने ट्रस्ट से संपर्क कर आय-व्यय, दान, बैंक खातों, संपत्तियों और जमीन लेन-देन से जुड़ी जानकारी मांगी।
सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने पीएमओ की ओर से प्राप्त शिकायत के आधार पर ट्रस्ट से राम मंदिर ट्रस्ट के दान संबंधी रिकॉर्ड (Ram Mandir Trust Donation Records) से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। लेकिन ट्रस्ट की ओर से अपेक्षित जानकारी साझा नहीं की गई।
चंपत राय ने SIT जांच का दिया हवाला
जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रशासन को बताया कि वर्तमान में एसआईटी जांच चल रही है। जांच एजेंसी सभी आवश्यक दस्तावेज और रिकॉर्ड एकत्र कर रही है, इसलिए फिलहाल अलग से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।
यही कारण बताया जा रहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट के दान संबंधी रिकॉर्ड (Ram Mandir Trust Donation Records) से जुड़ी जानकारी प्रशासन को नहीं सौंपी गई। इस जवाब के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
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शिकायत में किन जानकारियों की मांग की गई?
बीजेपी नेता की शिकायत में कई महत्वपूर्ण जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। इनमें समर्पण निधि अभियान से जुटाई गई राशि, मंदिर को प्राप्त नकद दान, सोना-चांदी और आभूषणों के रूप में मिले योगदान, बैंक खातों का विवरण, वित्तीय लेन-देन, जमीन खरीद-बिक्री और ऑडिट रिपोर्ट शामिल हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि, राम मंदिर ट्रस्ट के दान संबंधी रिकॉर्ड (Ram Mandir Trust Donation Records) और वित्तीय गतिविधियों की पारदर्शिता से श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होगा। वहीं ट्रस्ट का पक्ष है कि जांच पूरी होने तक जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा।
आगे क्या होगा?
फिलहाल इस पूरे मामले में एसआईटी जांच जारी है और सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यदि जांच में कोई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आते हैं तो मामला और गंभीर रूप ले सकता है। दूसरी ओर, ट्रस्ट का कहना है कि वह जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राम मंदिर ट्रस्ट के दान संबंधी रिकॉर्ड (Ram Mandir Trust Donation Records) से जुड़ी जानकारी कब सार्वजनिक होगी और क्या जांच के बाद सभी वित्तीय दस्तावेज सामने आएंगे। आने वाले दिनों में इस मामले पर प्रशासन, ट्रस्ट और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं चर्चा का विषय बनी रह सकती हैं।
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