Constitution Murder Day 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह आयोजन 1975 में लगाए गए आपातकाल की 51वीं बरसी के संदर्भ में किया गया, जिसे केंद्र सरकार द्वारा घोषित ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान और नागरिक अधिकारों के महत्व पर विस्तार से बात की तथा आपातकाल के दौर को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर दिया गया संदेश
अपने संबोधन में Constitution Murder Day 2026 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संविधान के सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान सर्वोच्च है और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह संवैधानिक मूल्यों को समझे तथा उनका पालन करे। कार्यक्रम के दौरान आपातकाल से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भी चर्चा की गई।
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आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर चर्चा
Constitution Murder Day 2026 कार्यक्रम में वक्ताओं ने 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख किया। उस अवधि में प्रेस पर सेंसरशिप, राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारियां और कई नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगाए गए प्रतिबंध भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण घटनाक्रम माने जाते हैं। कार्यक्रम में इन घटनाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संवैधानिक व्यवस्था की आवश्यकता के संदर्भ में याद किया गया।
युवाओं को इतिहास समझने का संदेश
मुख्यमंत्री ने Constitution Murder Day 2026 कार्यक्रम के दौरान युवाओं से लोकतंत्र के इतिहास को समझने और संविधान के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के लोकतांत्रिक विकास, संवैधानिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों के बारे में तथ्यात्मक जानकारी होनी चाहिए ताकि लोकतंत्र और अधिक मजबूत बन सके। कार्यक्रम में कई शिक्षाविदों और वक्ताओं ने भी संवैधानिक मूल्यों पर अपने विचार रखे।
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संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं पर जोर
Constitution Murder Day 2026 के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना, लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और नागरिक कर्तव्यों पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। कार्यक्रम में संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और नागरिक भागीदारी जैसे विषय प्रमुख रहे।
विभिन्न वर्गों की रही सहभागिता
लखनऊ में आयोजित Constitution Murder Day 2026 कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान आपातकाल से संबंधित दस्तावेजों, ऐतिहासिक तस्वीरों और लोकतांत्रिक संघर्षों पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया। उपस्थित लोगों ने संविधान के महत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
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लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर Constitution Murder Day 2026 के संदर्भ में लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान और नागरिक अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता दोहराई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता संविधान के सम्मान, संस्थाओं की मजबूती और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकाल के ऐतिहासिक घटनाक्रम को याद करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संविधान के महत्व को रेखांकित करना रहा।
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