उत्तर प्रदेश लखनऊ। यूपी एलटीसी नियम में योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अवकाश यात्रा सुविधा (LTC) से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए सरकार ने 15 दिन के अर्जित अवकाश की पुरानी बाध्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब कर्मचारी एलटीसी के दौरान अधिकतम 10 दिन के अर्जित अवकाश का सीधे नकदीकरण करा सकेंगे। इसके साथ ही महंगाई भत्ते (DA) में भी 2% की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह अब 60% हो गया है।
यूपी एलटीसी नियम में क्या बदला
नए यूपी एलटीसी नियम के तहत तीन बड़े बदलाव किए गए हैं:
- 15 दिन की बाध्यता खत्म: पहले एलटीसी का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को कम से कम 15 दिन का अवकाश लेना अनिवार्य था। अब यह शर्त पूरी तरह हटा दी गई है।
- कैश एनकैशमेंट की सुविधा: यात्रा के दौरान स्वीकृत अधिकतम 10 दिनों के अर्जित अवकाश के बदले अब सीधे नकद भुगतान की सुविधा दी जाएगी।
- शासनादेश जारी: वित्त विभाग ने इस संबंध में विधिवत आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जिससे यह नियम प्रभावी हो गया है।
इस बदलाव से प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को यात्रा के दौरान वित्तीय लचीलापन मिलेगा और वे बिना लंबी छुट्टी लिए भी एलटीसी का लाभ उठा सकेंगे।
डीए में बढ़ोतरी, अब 60% हुआ
यूपी एलटीसी नियम में संशोधन के साथ-साथ सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में भी इजाफा किया है। डीए को 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मासिक आय में इजाफा होगा।
शिक्षा मित्रों और संविदा कर्मियों को भी सौगात
सरकार ने शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और अन्य संविदा कर्मियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की है। साथ ही इन कर्मियों को ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर देने की घोषणा भी की गई है, जिससे उनके परिवारों को चिकित्सा आपात स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
सरकार के इन फैसलों को कर्मचारी हितैषी कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जो आगामी समय में राज्य कर्मचारियों के मनोबल और कार्यक्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।


