MP Wheat Procurement: मध्यप्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। जिन किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए 23 मई तक स्लॉट बुक कर लिए थे, अब उनके लिए खरीद की अवधि बढ़ाकर 28 मई तक कर दी गई है। इस फैसले से हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर उन किसानों को जो लंबी कतारों और भीड़ के कारण समय पर अपना गेहूं (MP Wheat Procurement) नहीं बेच पा रहे थे। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी पंजीकृत और स्लॉट बुक किसानों का गेहूं निर्धारित समय सीमा के भीतर खरीदा जाएगा। इस घोषणा के साथ ही किसानों में राहत की भावना देखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Mohan Yadav) ने 20 मई को यह घोषणा की कि राज्य में गेहूं उपार्जन की अंतिम तारीख को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसान हित में लगातार निर्णय ले रही है और यह कदम भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों ने पहले ही स्लॉट बुक कर लिए हैं, उनका पूरा गेहूं सरकार (MP Wheat Procurement) खरीदेगी, चाहे इसके लिए अतिरिक्त समय ही क्यों न देना पड़े।
Read More: महाकुंभ की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा का प्रेम विवाह बना कानूनी जंग, उम्र विवाद पहुंचा हाईकोर्ट
रिकॉर्ड तोड़ खरीद का दावा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस वर्ष मध्यप्रदेश सरकार गेहूं उपार्जन (MP Wheat Procurement) में नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। पिछले साल राज्य में लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस साल सरकार का लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने का है। उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में लगभग 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। इस आंकड़े को देखते हुए सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए तारीख बढ़ाने का फैसला लिया है।
किसानों की परेशानी के बाद लिया गया निर्णय
सरकार के अनुसार कई किसानों ने शिकायत की थी कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिया, लेकिन खरीद केंद्रों पर लंबी कतारों और भीड़ के कारण वे समय पर अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया कि जिन किसानों के स्लॉट पहले से बुक हैं, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाएगा ताकि कोई भी किसान नुकसान में न रहे।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
2625 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य
सरकार ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर दाम देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, भंडारण की चुनौतियों और परिवहन व्यवस्था के बावजूद सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखा है।
भंडारण और व्यवस्था की चुनौतियां
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि इस वर्ष गेहूं उपार्जन के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं। भंडारण की क्षमता बढ़ाना, बारदाना की व्यवस्था, मौसम की अनिश्चितता और ट्रांसपोर्टेशन जैसे मुद्दे सरकार के सामने थे। इसके बावजूद राज्य ने इन सभी चुनौतियों से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए और खरीद प्रक्रिया को बिना रुकावट आगे बढ़ाया।
किसान कल्याण को प्राथमिकता
सरकार का दावा है कि यह पूरा फैसला किसान कल्याण को केंद्र में रखकर लिया गया है। मध्यप्रदेश में देश के सबसे अधिक किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। यह कदम न केवल किसानों को राहत देगा बल्कि राज्य के गेहूं उपार्जन लक्ष्य को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि 28 मई तक कितनी अतिरिक्त खरीद पूरी हो पाती है और यह रिकॉर्ड कितना आगे बढ़ता है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



