Monalisa Marriage Case: प्रयागराज महाकुंभ मेले से सोशल मीडिया स्टार बनी मोनालिसा एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी वायरल वीडियो नहीं बल्कि उनका प्रेम विवाह, उम्र विवाद और कानूनी लड़ाई है। महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा ने अपने पति फरमान खान के खिलाफ दर्ज अपहरण के मामले को चुनौती देते हुए इंदौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोशल मीडिया पर मासूम मुस्कान और खूबसूरत आंखों की वजह से वायरल हुई मोनालिसा (Monalisa Marriage Case) की कहानी अब प्रेम, परिवार और कानून के बीच उलझती नजर आ रही है। इस मामले ने न सिर्फ सोशल मीडिया बल्कि कानूनी और राजनीतिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है।
वायरल वीडियो से फिल्म ऑफर तक का सफर
मोनालिसा (Monalisa Marriage Case) पहली बार उस समय सुर्खियों में आई थीं जब प्रयागराज कुंभ मेले में माला बेचते हुए उनका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ। उनकी सादगी और चेहरे की मासूमियत ने लोगों का ध्यान खींचा और देखते ही देखते वह सोशल मीडिया सेंसेशन बन गईं। वायरल होने के बाद उन्हें एक फिल्म का ऑफर भी मिला। बताया जा रहा है कि इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी फरमान खान से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।
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केरल के मंदिर में की शादी
जानकारी के मुताबिक दोनों ने 11 मार्च 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया। शादी की खबर सामने (Monalisa Marriage Case) आते ही मामला विवादों में घिर गया। मोनालिसा के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी नाबालिग है और फरमान खान उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने फरमान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अब मोनालिसा खुद पहुंचीं हाईकोर्ट
मामले (Monalisa Marriage Case) में नया मोड़ तब आया जब मोनालिसा ने खुद अपने पति के समर्थन में इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। उनके अधिवक्ता बीएल नागर ने कोर्ट में दावा किया कि मोनालिसा बालिग हैं और उनकी वास्तविक जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है। याचिका में कहा गया है कि सरकारी रिकॉर्ड में गलत तरीके से उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2009 दर्ज की गई है, जिसके आधार पर उन्हें नाबालिग बताया जा रहा है। मोनालिसा का आरोप है कि यह दस्तावेज जानबूझकर तैयार कराया गया ताकि उनके विवाह को अवैध साबित किया जा सके।
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पहचान पत्रों का दिया हवाला
याचिका में यह भी कहा गया है कि मोनालिसा (Monalisa Marriage Case) के वोटर आईडी और अन्य सरकारी दस्तावेजों में उनकी उम्र बालिग दर्शाई गई है। ऐसे में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि पर सवाल उठ रहे हैं। मोनालिसा ने अदालत से मांग की है कि किसी सक्षम अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनका वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र सामने लाया जाए। उनका कहना है कि उम्र से जुड़े दस्तावेजों की सही जांच के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत होगा।
कई एजेंसियों को बनाया पक्षकार
इस याचिका में मध्य प्रदेश शासन, डीजीपी मध्य प्रदेश, डीजीपी केरल और मोनालिसा के पिता को पक्षकार बनाया गया है। अदालत से आग्रह किया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि दस्तावेजों में विरोधाभास पाया जाता है तो यह मामला और ज्यादा संवेदनशील हो सकता है। वहीं दूसरी ओर यह केस सोशल मीडिया लोकप्रियता और निजी जिंदगी के टकराव का बड़ा उदाहरण भी बनता जा रहा है।
सोशल मीडिया स्टार से कोर्टरूम तक
कुछ महीने पहले तक महाकुंभ के घाटों पर माला बेचने वाली मोनालिसा आज राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी हैं। सोशल मीडिया पर मिली पहचान ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी, लेकिन अब वही लोकप्रियता उन्हें कानूनी विवादों के केंद्र में ले आई है। यह मामला केवल एक प्रेम विवाह तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब इसमें उम्र सत्यापन, कानूनी अधिकार और परिवारिक विवाद जैसे कई गंभीर पहलू जुड़ चुके हैं। अब सबकी नजर इंदौर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है। अदालत दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद यह तय करेगी कि मोनालिसा बालिग हैं या नहीं, और फरमान खान के खिलाफ दर्ज अपहरण का मामला आगे किस दिशा में जाएगा।
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