US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब उस मोड़ पर पहुंच गया है जहां कूटनीति की मेज कम और युद्ध का मैदान ज्यादा सक्रिय नजर आ रहा है। इस्लामाबाद में प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता से ठीक पहले समुद्री मोर्चे पर हुई जंगी कार्रवाई ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। एक तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति की उम्मीद लिए पाकिस्तान पहुंचने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलेआम चेतावनी दी है कि यदि बुधवार रात तक ‘फाइनल डील’ नहीं हुई, तो ईरान पर भीषण बमबारी शुरू कर दी जाएगी। (US-Iran Conflict)
हालात तब और बिगड़ गए जब अमेरिकी नौसेना ने समुद्री नाकाबंदी तोड़ रहे ईरानी कार्गो शिप ‘टुस्का’ (Touska) को ओमान की खाड़ी में इंटरसेप्ट कर अपने कब्जे में ले लिया। ईरान ने इसे ‘सशस्त्र डकैती’ करार देते हुए कड़े जवाबी हमले की धमकी दी है। फिलहाल, शांति की उम्मीदें बेहद धुंधली हैं क्योंकि ईरान की IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स) ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी समुद्री नाकाबंदी नहीं हटाता, वे बातचीत की मेज पर नहीं बैठेंगे। (US-Iran Conflict)
सैन्य उपकरण या समुद्री डकैती?
अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी जहाज ‘टुस्का’ को जब्त किए जाने के बाद तनाव चरम पर है। ट्रंप की करीबी सहयोगी निकी हेली ने दावा किया है कि इस जहाज के भीतर मिसाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक केमिकल्स और सैन्य उपकरण छिपे थे। वहीं, ईरान का कहना है कि यह केवल एक व्यापारिक जहाज था। इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाजों की ओर ड्रोन भेजकर अपनी आक्रामक मंशा साफ कर दी है। (US-Iran Conflict)
क्या जेडी वेंस और कलीबाफ की मुलाकात होगी?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे राउंड की इस बातचीत पर सस्पेंस बना हुआ है। अमेरिकी दल की अगुआई जेडी वेंस और जेरेड कुशनर कर रहे हैं, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ को कमान सौंपी गई है। हालांकि, ईरान के भी’तर आंतरिक मतभेद उभर आए हैं। एक तरफ राष्ट्रपति पेजेश्कियान बातचीत के पक्ष में हैं, तो दूसरी तरफ IRGC के कमांडर अहमद वाहिदी का मानना है कि अमेरिका सिर्फ सरेंडर चाहता है, शांति नहीं। (US-Iran Conflict)

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‘डील नहीं तो बमबारी के लिए रहें तैयार’
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साफ लिखा है कि वे ‘बैड डील’ के लिए जल्दबाजी में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने उनके ‘परमाणु हथियार मुक्त’ एजेंडे को स्वीकार नहीं किया, तो बुधवार की समयसीमा खत्म होते ही ईरान के पावर प्लांट और ब्रिजों को निशाना बनाया जाएगा। ट्रंप ने कहा, ‘या तो हमारे साथ निष्पक्ष डील करो, या फिर विनाश के लिए तैयार रहो।’ (US-Iran Conflict)
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होर्मुज की नाकाबंदी और समुद्री मोर्चे पर घेराबंदी
समंदर में जंग की तैयारी पूरी हो चुकी है। अमेरिका ने अपने तीन विमानवाहक पोत (Aircraft Carriers) ईरान की ओर रवाना कर दिए हैं। USS अब्राहम लिंकन फिलहाल ओमान की खाड़ी में तैनात है और हर ईरानी गतिविधि पर नजर रख रहा है। जवाब में ईरान ने स्ट्रेच ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। (US-Iran Conflict)



