VB-G RAM G Mission: ग्रामीण भारत के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G RAM G Mission) के तहत 95,692 करोड़ रुपये के अंतरिम आवंटन की घोषणा की है। इस फैसले को देश के ग्रामीण क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों और आजीविका से जुड़े लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग ग्रामीण रोजगार, बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क निर्माण, डिजिटल कनेक्टिविटी, आवास सुविधाओं और आजीविका के नए अवसर पैदा करने के लिए किया जाएगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई योजना लागू होने के दौरान किसी भी मजदूर या लाभार्थी को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और विकास कार्यों की गति भी प्रभावित नहीं होगी।
मनरेगा से VB-G RAM G Mission की ओर बढ़ रहा देश
सरकार वर्तमान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से VB-G RAM G Mission की ओर संक्रमण की प्रक्रिया में है। इस बदलाव का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार योजनाओं को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना बताया जा रहा है।
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शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नई व्यवस्था लागू होने तक रोजगार उपलब्धता में किसी भी प्रकार का अंतर न आए। उन्होंने कहा कि मजदूरों को काम मिलने में एक दिन की भी रुकावट नहीं आने दी जाएगी। इसी कारण अंतरिम व्यवस्था के रूप में यह विशाल आवंटन जारी किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि VB-G RAM G Mission ग्रामीण विकास के पारंपरिक मॉडल को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने का प्रयास है, जिसमें रोजगार के साथ-साथ स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
VB-G RAM G Mission के तहत जारी अंतरिम आवंटन में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक राशि प्राप्त हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार राज्य को 9,721.48 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके बाद पश्चिम बंगाल को 8,508 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 7,707.21 करोड़ रुपये, तमिलनाडु को 7,585.49 करोड़ रुपये, राजस्थान को 7,581.87 करोड़ रुपये और बिहार को 6,715.83 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है।
राज्यों के लिए कुल 92,550.17 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों को 1,291.52 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त केंद्रीय प्रशासन और सामाजिक लेखा परीक्षा जैसी गतिविधियों के लिए 1,850.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल आवंटन 95,692.31 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
ग्रामीण विकास परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
VB-G RAM G Mission के तहत जारी राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों को गति देने के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करना, डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाना, आवास सुविधाओं का विस्तार करना और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
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ग्रामीण विकास विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे ग्रामीण पलायन को कम करने में भी मदद मिल सकती है। विशेष रूप से सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस योजना से अधिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
किसी राज्य के आवंटन में नहीं की गई कटौती
VB-G RAM G Mission को लेकर उठ रही आशंकाओं पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य के हिस्से में कटौती नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि अंतरिम आवंटन का निर्धारण पिछले वर्ष मनरेगा के तहत हुए खर्च और वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। राज्य सरकारों के आवश्यक योगदान को जोड़ने के बाद इस योजना के तहत कुल वार्षिक व्यय लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सरकार का दावा है कि यह योजना ग्रामीण रोजगार और विकास के क्षेत्र में अब तक की सबसे व्यापक पहलों में से एक साबित हो सकती है।
26 राज्यों ने पूरी की तैयारी
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार VB-G RAM G Mission को लागू करने के लिए 26 राज्यों ने आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। हालांकि झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम को अभी कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी हैं।
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इन राज्यों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लेते हुए केंद्र सरकार को भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लेंगे। राज्यों को योजना की अधिसूचना जारी करने, लाभार्थियों की e-KYC पूरी करने, नियम बनाने और जिला व ब्लॉक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिम बंगाल को लेकर क्या कहा सरकार ने?
VB-G RAM G Mission के संदर्भ में पश्चिम बंगाल का मुद्दा भी चर्चा में रहा। लंबे समय से राज्य और केंद्र के बीच ग्रामीण विकास निधि को लेकर विवाद बना हुआ था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने लिखित रूप से केंद्र की शर्तों का पालन करने की सहमति दी है। हालांकि पुराने बकाया भुगतान से जुड़े विवाद अभी भी लंबित हैं और उनका समाधान अलग प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत 30 जून तक के लिए पश्चिम बंगाल को लगभग 700 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन दिया गया है, जबकि VB-G RAM G Mission के तहत नया वित्तीय आवंटन जुलाई से प्रभावी होगा।
ग्रामीण भारत को नई दिशा देने की तैयारी
VB-G RAM G Mission को ग्रामीण भारत के लिए एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह योजना रोजगार, आजीविका, बुनियादी ढांचे और डिजिटल विकास को एक साथ जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
95,692 करोड़ रुपये का यह अंतरिम आवंटन केवल वित्तीय सहायता नहीं बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इस योजना के प्रभाव का आकलन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के स्तर से किया जाएगा।
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