Chyawanprash Benefits: बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता प्रदूषण और मौसम का असर आज हर उम्र के लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। सर्दी-खांसी, कमजोर इम्युनिटी, थकान और श्वसन से जुड़ी समस्याएं अब केवल बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं रहीं। ऐसे समय में भारत की प्राचीन आयुर्वेदिक विरासत च्यवनप्राश (Chyawanprash Benefits) आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी सदियों पहले थी। यह न सिर्फ रोगों से बचाव करता है, बल्कि शरीर में ऊर्जा, स्टैमिना और स्फूर्ति भी बढ़ाता है।
आयुर्वेद की अमूल्य देन है Chyawanprash
च्यवनप्राश एक प्राचीन आयुर्वेदिक रसायन है, जिसका उल्लेख चरक संहिता में मिलता है। आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, यह ऐसा रसायन है जो बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करता है, शरीर को पोषण देता है और खांसी, अस्थमा व श्वसन रोगों में लाभकारी है। इसी वजह से इसे ‘एजलेस वंडर’ भी कहा जाता है।
इम्युनिटी, एनर्जी और स्टैमिना का पावरहाउस
च्यवनप्राश (Chyawanprash Benefits) का सबसे बड़ा फायदा है इम्युनिटी बूस्ट करना। इसमें मौजूद आंवला, विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देता है। नियमित सेवन से-
- बार-बार सर्दी-खांसी की समस्या कम होती है
- थकान और कमजोरी दूर होती है
- काम करने की क्षमता और स्टैमिना बढ़ता है
वात, पित्त और कफ का संतुलन
आयुर्वेद के अनुसार शरीर में तीन दोष वात, पित्त और कफ का संतुलन जरूरी है। च्यवनप्राश (Chyawanprash Benefits) इन तीनों को बैलेंस करने में मदद करता है, जिससे पाचन बेहतर होता है, मेटाबॉलिज्म सुधरता है और शरीर के टिश्यू को सही पोषण मिलता है।
वैज्ञानिक रिसर्च से साबित फायदे
आज के दौर में आयुर्वेद तभी प्रभावी माना जाता है, जब वह वैज्ञानिक कसौटी पर खरा उतरे। इसी दिशा में डाबर च्यवनप्राश (Chyawanprash Benefits) वर्षों की रिसर्च और आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया गया है। इसमें आंवले की उच्च मात्रा होती है, जो गैलिक एसिड और पॉलीफेनोल्स से भरपूर है। ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं और एंटी-एजिंग प्रभाव देते हैं।
एलर्जी और इम्यून सिस्टम पर असर

रिसर्च से पता चला है कि च्यवनप्राश इम्यून सिस्टम को संतुलित करता है। यह IgG और IgM जैसे सुरक्षात्मक एंटीबॉडी को सपोर्ट करता है। एलर्जी से जुड़े IgE और हिस्टामाइन के स्तर को कम करने में मदद करता है। यही वजह है कि एलर्जिक रिएक्शन और श्वसन समस्याओं में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।
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40 से ज्यादा जड़ी-बूटियों का संतुलित फॉर्मूला
डाबर च्यवनप्राश में 40 से अधिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें-
- आंवला (मुख्य घटक)
- पीपली, दालचिनी, इलायची, नागकेसर
- गाय का घी और तिल का तेल (यमकद्रव्य)
ये सभी मिलकर इसे एक डेली हेल्थ सप्लीमेंट बनाते हैं, जो सुरक्षित होने के साथ-साथ असरदार भी है।
क्यों हर भारतीय घर का हिस्सा है च्यवनप्राश?
पीढ़ियों से च्यवनप्राश (Chyawanprash Benefits) भारतीय घरों में इसलिए अपनाया जाता रहा है क्योंकि यह बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक के लिए उपयोगी है। रोज़मर्रा की सेहत को मजबूत करता है। प्राकृतिक तरीके से ऊर्जा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
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