CM Nayab Saini Assam Visit: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का दो दिवसीय दिल्ली और असम दौरा सिर्फ एक औपचारिक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आने वाले समय की राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। असम (CM Nayab Saini Assam Visit) में नई एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के साथ-साथ सैनी ने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद पर भी कड़ा रुख अपनाकर साफ संकेत दिए हैं कि हरियाणा अब इस मुद्दे पर ज्यादा इंतजार के मूड में नहीं है।
हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ समारोह में पहुंचे नायब सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini Assam Visit) दिल्ली से सीधे असम पहुंचे, जहां उन्होंने हिमंता बिस्वा सरमा के दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के समारोह में हिस्सा लिया। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरिनरी कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम को लेकर पूरे असम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। आयोजन स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी और अनुमान लगाया गया कि समारोह में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए। हिमंता बिस्वा सरमा के साथ चार अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस समारोह में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी एनडीए की एकजुटता का बड़ा संदेश देने की कोशिश है।
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दिल्ली में जल विवादों पर होगी अहम बैठक
असम दौरे के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी (CM Nayab Saini Assam Visit) सीधे दिल्ली पहुंचेंगे, जहां वे हरियाणा भवन में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन उनकी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में राजस्थान सरकार के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में हरियाणा और राजस्थान के बीच लंबे समय से चल रहे जल विवादों पर चर्चा होगी।
हालांकि हरियाणा सरकार का दावा है कि बीते दो वर्षों में अधिकांश विवादों का समाधान कर लिया गया है, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दे अब भी लंबित हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में जल बंटवारे, नहर प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े मामलों पर विस्तार से बातचीत हो सकती है। हरियाणा सरकार चाहती है कि पानी के मुद्दों का समाधान राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि व्यावहारिक समझौते से निकले।
SYL मुद्दे पर सख्त दिखे नायब सैनी
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी (CM Nayab Saini Assam Visit) ने पंजाब के साथ चल रहे SYL नहर विवाद पर बेहद स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अब पंजाब के साथ इस मुद्दे पर किसी नई बैठक की जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले ही कई दौर की बातचीत हो चुकी है और उनका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। सैनी ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद पंजाब सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल देखने को नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि हरियाणा अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक और कानूनी दायरे में पूरी मजबूती से खड़ा रहेगा। मुख्यमंत्री (CM Nayab Saini Assam Visit) का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों राज्यों के बीच पानी के मुद्दे को लेकर फिर से राजनीतिक बहस तेज होने लगी है। इससे पहले दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच यह सहमति बनी थी कि मुख्य सचिव स्तर पर बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई है।
राजनीतिक संदेश भी, प्रशासनिक तैयारी भी
नायब सैनी का यह दौरा (CM Nayab Saini Assam Visit) कई मायनों में अहम माना जा रहा है। एक तरफ वह एनडीए की राष्ट्रीय राजनीति में अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हरियाणा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर भी सख्त और स्पष्ट संदेश दे रहे हैं। आगामी समय में पानी और संसाधनों से जुड़े विवाद उत्तर भारत की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। ऐसे में सैनी सरकार अपने रुख को लेकर कोई नरमी नहीं दिखाना चाहती।
हरियाणा की राजनीति में भी इस दौरे (CM Nayab Saini Assam Visit) को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह केंद्र के साथ बेहतर समन्वय बनाकर प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए लगातार सक्रिय है।
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