Vinesh Phogat News: उत्तर प्रदेश के गोंडा में रविवार से शुरू हुए नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय कुश्ती में हरियाणा का दबदबा आज भी कायम है। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में करीब 1400 पहलवानों ने हिस्सा लेने के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से हैं। हालांकि इस बार टूर्नामेंट सिर्फ मुकाबलों के कारण चर्चा में नहीं है, बल्कि महिला पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट (Vinesh Phogat News) को एंट्री न मिलने के कारण भी सुर्खियों में बना हुआ है। उनके बहिष्कार ने कुश्ती और राजनीति दोनों में हलचल तेज कर दी है।
विनेश फोगाट की एंट्री पर रोक से बढ़ा विवाद
भारतीय कुश्ती महासंघ ने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए विनेश फोगाट को आगामी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से रोक दिया है। इसी वजह से उन्हें गोंडा में आयोजित इस अहम रैंकिंग टूर्नामेंट में शामिल नहीं किया गया। टूर्नामेंट से बाहर रखे जाने के बाद विनेश फोगाट (Vinesh Phogat News) ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा- ‘जिंदगी फंसी है किसी मझधार में, जमाना ढूंढता है खामी मेरे किरदार में…’ उनकी इस पोस्ट को खेल जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
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बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया ने बढ़ाई चर्चा
विनेश फोगाट (Vinesh Phogat News) के पोस्ट के बाद पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा- ‘शोहरत की बुलंदी भी, पल भर का तमाशा है, जिस शाख पे बैठे हो, वो टूट भी सकती है।’ इस जवाब के बाद कुश्ती जगत में पुराने विवादों की चर्चा फिर तेज हो गई। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थक खुलकर अपनी राय रख रहे हैं।
हरियाणा बना भारतीय कुश्ती की सबसे बड़ी ताकत
गोंडा में चल रहे इस टूर्नामेंट ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय कुश्ती में हरियाणा की भूमिका कितनी अहम है। देश के कई बड़े पहलवान हरियाणा से आते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा मेडल भी इसी राज्य के खिलाड़ियों के खाते में जाते हैं। जानकारों के अनुसार, पिछले कई राष्ट्रीय मुकाबलों में 63 से 70 प्रतिशत तक पदक हरियाणा के पहलवान जीतते रहे हैं। यही वजह है कि हरियाणा को भारतीय कुश्ती का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है।
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युवा पहलवानों के लिए बड़ा मंच
नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर माना जाता है। इसी टूर्नामेंट के प्रदर्शन के आधार पर नेशनल कैंप और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का चयन तय होता है। विश्व चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में पदक जीत चुके पहलवान (Vinesh Phogat News) भी यहां अपनी रैंकिंग सुधारने और वापसी करने के लिए उतरते हैं। इस बार दीपक पूनिया और अनिरुद्ध गुलिया जैसे बड़े नाम भी मुकाबलों में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
डोपिंग पर फिर उठे सवाल
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने टूर्नामेंट के दौरान डोपिंग को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता स्थल के आसपास इस्तेमाल की गई सिरिंज मिलने से साफ है कि भारतीय कुश्ती में डोपिंग की समस्या अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों की भारी भागीदारी इस बात का सबूत है कि महासंघ किसी राज्य या खिलाड़ी के खिलाफ भेदभाव नहीं कर रहा।
कुश्ती के साथ राजनीति भी गर्म
गोंडा का यह टूर्नामेंट अब सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रह गया है। विनेश फोगाट (Vinesh Phogat News) की गैरमौजूदगी, सोशल मीडिया पोस्ट और नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने इसे राजनीतिक रंग भी दे दिया है। एक तरफ हरियाणा के पहलवान अपनी ताकत दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुश्ती संघ और खिलाड़ियों के बीच खींचतान भी खुलकर सामने आ रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है, क्योंकि कुश्ती के अखाड़े के साथ-साथ अब बयानबाजी का अखाड़ा भी गर्म हो चुका है।
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