Nari Shakti Vandan Conference Delhi: नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ ने देशभर से आई महिलाओं और नीति निर्माताओं का ध्यान आकर्षित किया। इस कार्यक्रम (Nari Shakti Vandan Conference Delhi) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी इस अवसर पर विशेष रूप से शामिल हुईं और उन्होंने मंच से महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए।
रेखा गुप्ता ने बताया महिलाओं को विकास का केंद्र
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्रगति, आर्थिक विकास और वैश्विक पहचान बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में उनकी दूरदर्शी सोच देश के भविष्य को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की नारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश के विकास की रीढ़ बन चुकी है।
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सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण की यात्रा
रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में भारतीय समाज में महिलाओं के ऐतिहासिक संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब सती प्रथा, बाल विवाह, अशिक्षा और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयाँ महिलाओं के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करती थीं। उन्होंने कहा कि आज वही भारत ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के युग में प्रवेश कर चुका है, जहां महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
2014 के बाद आए बदलावों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 के बाद देश में आए परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को रखा गया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालयों, उज्ज्वला योजना से मिली धुआं-मुक्त रसोई और जनधन खातों के माध्यम से मिली आर्थिक स्वतंत्रता को महिला सशक्तिकरण (Nari Shakti Vandan Conference Delhi) की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य में आगे हैं, बल्कि सेना में फाइटर जेट उड़ाकर देश की रक्षा भी कर रही हैं, जो भारत की बदलती तस्वीर को दर्शाता है।
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महिला नेतृत्व के बढ़ते अवसरों पर जोर
रेखा गुप्ता ने (Nari Shakti Vandan Conference Delhi) पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं को उच्च पदों की जिम्मेदारी देकर यह साबित किया गया है कि नेतृत्व क्षमता किसी लिंग पर निर्भर नहीं होती। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति और प्रशासन में आगे बढ़ाना देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाता है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Conference Delhi) की सराहना करते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी देगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि लगभग 70 करोड़ भारतीय महिलाओं के लिए सशक्त नेतृत्व का रास्ता खोलने वाला ऐतिहासिक निर्णय है।
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महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय नेतृत्व का दृष्टिकोण
कार्यक्रम (Nari Shakti Vandan Conference Delhi) में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर सहित देशभर से आई कई विशिष्ट महिलाएं मौजूद रहीं। सभी ने मिलकर महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और समान अवसरों को लेकर साझा संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का माहौल प्रेरणादायक रहा, जहां महिलाओं की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बदलते भारत में नारी शक्ति की नई पहचान
इस सम्मेलन (Nari Shakti Vandan Conference Delhi) ने यह स्पष्ट किया कि भारत में महिला सशक्तिकरण अब केवल नारा नहीं, बल्कि वास्तविक परिवर्तन का हिस्सा बन चुका है। नीति, नेतृत्व और सामाजिक बदलाव के हर स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जो देश को नई दिशा और ऊर्जा दे रही है।
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