Delhi Power Demand Record 2026: भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने राजधानी दिल्ली की बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है। मई 2026 में गर्मी ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और इसके साथ ही बिजली की मांग भी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। 25 मई को दिल्ली में पीक पावर डिमांड 8,439 मेगावॉट दर्ज की गई, जो इस साल का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। दिल्ली में इस बार मई महीने में पहली बार बिजली की मांग 8,000 मेगावॉट के पार पहुंची है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती खपत यह संकेत दे रही है कि गर्मी इस बार सामान्य से ज्यादा तेज और लंबी बनी हुई है।
लगातार बढ़ती बिजली मांग का ट्रेंड
State Load Dispatch Centre (SLDC) के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक हफ्ते में दिल्ली की बिजली खपत (Delhi Power Demand Record 2026) में लगातार तेजी देखी गई है।
19 मई – 7,776 मेगावॉट
20 मई – पहली बार 8,000 MW के पार, 8,039 मेगावॉट
21 मई – 8,231 मेगावॉट
25 मई – 8,439 मेगावॉट (रिकॉर्ड स्तर)
यह ट्रेंड दिखाता है कि गर्मी के साथ-साथ AC, कूलर और अन्य कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। खासकर दोपहर और शाम के समय बिजली की मांग में अचानक उछाल देखा जा रहा है।
Read More: दिल्ली में पानी पर हाहाकार! यमुना का जलस्तर गिरा, सप्लाई हुई ठप
पिछले सालों की तुलना में ज्यादा गंभीर हालात
दिल्ली में मई 2025 के दौरान बिजली की मांग 8,000 मेगावॉट तक भी नहीं पहुंची थी। वहीं 2024 में अधिकतम पीक डिमांड 8,302 मेगावॉट दर्ज की गई थी। लेकिन 2026 में हालात अलग हैं। 1 मई से 25 मई के बीच के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस अवधि के 25 में से 20 दिन ऐसे रहे जब बिजली की मांग (Delhi Power Demand Record 2026) पिछले साल से ज्यादा रही। वहीं 18 दिनों में यह मांग 2024 के स्तर से भी ऊपर पहुंच गई। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी समय से पहले शुरू हुई और हीटवेव की लगातार स्थितियों ने बिजली खपत को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया।
बढ़ती मांग के बीच बिजली कंपनियों का दावा
दिल्ली की प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों (Delhi Power Demand Record 2026) में से एक BSES ने दावा किया है कि बढ़ती मांग के बावजूद शहर में बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। कंपनी का कहना है कि सभी क्षेत्रों में लोड मैनेजमेंट और सप्लाई सिस्टम को पहले से मजबूत किया गया था। BYPL के अनुसार, उसने 1,820 मेगावॉट तक की मांग को सफलतापूर्वक संभाला। कंपनी का कहना है कि इस गर्मी के लिए पहले से ही तैयारियां की गई थीं, क्योंकि उसके करीब 53 लाख उपभोक्ता और लगभग 2.25 करोड़ लोग इससे जुड़े हैं।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
ग्रीन एनर्जी से मिल रही राहत
बढ़ती बिजली मांग (Delhi Power Demand Record 2026) को देखते हुए इस साल ग्रीन एनर्जी का उपयोग भी बढ़ाया गया है। BSES ने बताया कि इस गर्मी में करीब 2,670 मेगावॉट ग्रीन पावर इस्तेमाल की जा रही है। इसमें शामिल है-
- 840 मेगावॉट सोलर एनर्जी
- 572 मेगावॉट हाइड्रो पावर
- लगभग 500 मेगावॉट विंड एनर्जी
इसके अलावा किलोकड़ी में स्थापित 20 मेगावॉट Battery Energy Storage System (BESS) ग्रिड को स्थिर बनाए रखने में मदद कर रहा है।
AI और टेक्नोलॉजी से मॉनिटरिंग
बिजली कंपनियां अब आधुनिक तकनीक का सहारा भी ले रही हैं। मांग का सटीक अनुमान लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे लोड शेडिंग और ब्लैकआउट की स्थिति को टालने में मदद मिल रही है।
क्या 2026 में टूटेगा नया रिकॉर्ड?
ऊर्जा विभाग के अनुमान के अनुसार, अगर गर्मी और हीटवेव का असर इसी तरह जारी रहा, तो 2026 में दिल्ली की पीक डिमांड 9,000 मेगावॉट के पार जा सकती है। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा होगा। गौरतलब है कि 2025 में दिल्ली की ऑल टाइम हाई पावर डिमांड 8,656 मेगावॉट दर्ज की गई थी। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
गर्मी और बिजली की जंग
दिल्ली में बढ़ती गर्मी सिर्फ मौसम की चुनौती नहीं रह गई है, बल्कि यह अब ऊर्जा व्यवस्था के लिए भी बड़ी परीक्षा बन चुकी है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली की मांग भी नई ऊंचाइयों को छू रही है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बिजली कंपनियां स्थिति को नियंत्रित करने में सफल दिख रही हैं, लेकिन अगर गर्मी का यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दिनों में दिल्ली की बिजली व्यवस्था पर और बड़ा दबाव देखने को मिल सकता है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking




