Haryana News: हरियाणा के हिसार जिले से मिड-डे मील योजना को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिसार के बयाना खेड़ा स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी विद्यालय ने मिड-डे मील में भेजे गए राजमा और मसालों की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। Haryana News के अनुसार स्कूल प्रशासन का दावा है कि राजमा को करीब 17 घंटे तक पानी में भिगोकर रखा गया और बाद में प्रेशर कुकर में सात सीटी लगाई गईं, लेकिन इसके बावजूद वह पूरी तरह नहीं गला। मामले की लिखित शिकायत शिक्षा विभाग को भेजी गई है।
Haryana News: स्कूल प्रशासन ने दर्ज कराई आधिकारिक शिकायत
Haryana News के मुताबिक विद्यालय प्रशासन ने बरवाला के खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। स्कूल का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राजमा तैयार किया गया, लेकिन उसकी गुणवत्ता इतनी खराब थी कि उसे बच्चों को परोसना सुरक्षित नहीं समझा गया। इसके साथ ही हरियाणा एग्रो की ओर से उपलब्ध कराए गए मसालों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। Haryana News के अनुसार स्कूल ने जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता Haryana News Update
Haryana News के अनुसार मिड-डे मील योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं तो यह केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि खराब गुणवत्ता वाला भोजन बच्चों को देना उचित नहीं था, इसलिए समय रहते इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई।
Haryana News: पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आई हो। वर्ष 2025 में भी कई सरकारी स्कूलों ने गुड़, पीनी और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन शिकायतों के बाद शिक्षा निदेशालय ने कुछ खाद्य सामग्री स्थानीय स्तर पर खरीदने की अनुमति देने के साथ गुणवत्ता सुधार के निर्देश भी जारी किए थे। इसके बावजूद अब फिर से ऐसी शिकायत सामने आने के बाद आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
मसालों की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल Haryana News Latest Update
स्कूल प्रबंधन समिति ने केवल राजमा ही नहीं बल्कि मिड-डे मील में इस्तेमाल किए जाने वाले मसालों की गुणवत्ता पर भी आपत्ति जताई है। समिति का कहना है कि पोषण योजना के तहत बच्चों को मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए। यदि सामग्री की गुणवत्ता कमजोर होगी तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर पड़ेगा। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
Haryana News: स्कूल प्रबंधन ने क्या कहा
विद्यालय के मुख्य शिक्षक ने बताया कि राजमा को निर्धारित समय तक भिगोया गया और पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया, लेकिन उसके बावजूद वह पक नहीं सका। वहीं स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान ने कहा कि गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिलने के कारण लिखित शिकायत भेजी गई है। उनका कहना है कि बच्चों के भोजन के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
Haryana News: जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
Haryana News के अनुसार शिक्षा विभाग को भेजी गई शिकायत के बाद अब संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच की मांग की गई है। जांच के दौरान खाद्य सामग्री के नमूनों की गुणवत्ता, आपूर्ति प्रक्रिया और संबंधित एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा की जा सकती है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी संभव है। Haryana News के मुताबिक इस मामले ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर किया है।


