uUP Police Encounters: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पिछले 9 वर्षों में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। वहीं कई गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों का एनकाउंटर भी हुआ है। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह कार्रवाई लगातार जारी रही।
Also Read: लखनऊ स्टेशन पर मिली सिर कटी महिला की लाश से सनसनी, आखिर कहां गायब हुआ सिर?
UP Police Encounters: मेरठ जोन सबसे ज्यादा सक्रिय रहा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ जोन एनकाउंटर के मामलों में सबसे आगे रहा है। इस क्षेत्र में संगठित अपराध, गैंगस्टर गतिविधियाँ और अवैध कारोबार लंबे समय से चुनौती बने हुए थे। इन्हीं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने लगातार सख्त अभियान चलाए, जिसमें कई बड़े अपराधियों का सामना मुठभेड़ में हुआ।
मेरठ, सहारनपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद और आसपास के जिलों में पुलिस की सक्रियता सबसे ज्यादा देखने को मिली। इसी वजह से यह इलाका कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है।
UP Police Encounters: 9 साल में 289 अपराधियों का एनकाउंटर
आंकड़ों के मुताबिक पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस की अलग- अलग मुठभेड़ों में कुल 289 अपराधी मारे गए हैं। इनमें कई ऐसे अपराधी शामिल थे जिन पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर आरोप थे।
इन एनकाउंटर को पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिसने अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये सभी कार्रवाई आत्मरक्षा और कानून के दायरे में रहकर की गई।
Also Read: लखीमपुर खीरी में दर्दनाक टक्कर, ट्रक और मैजिक वाहन की भिड़ंत में 10 लोगों की मौत
UP Police Encounters: 34 हजार से ज्यादा अपराधियों की गिरफ्तारी
सिर्फ मुठभेड़ ही नहीं, बल्कि पुलिस ने बड़े स्तर पर गिरफ्तारी अभियान भी चलाया है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 9 वर्षों में 34,253 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन गिरफ्तारियों में गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, लूटपाट करने वाले गिरोह, वाहन चोर और ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोग शामिल हैं। पुलिस ने कई संगठित गिरोहों को भी खत्म किया है, जिससे अपराध की घटनाओं में कमी आने का दावा किया जा रहा है।
UP Police Encounters: जीरो टॉलरेंस नीति का असर
राज्य सरकार ने अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है, जिसका उद्देश्य किसी भी तरह के अपराध को बढ़ने से रोकना है। इसी नीति के तहत पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस नीति के कारण पुलिस की सक्रियता बढ़ी है और कई जिलों में अपराधियों पर दबाव भी बढ़ा है। सरकार का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
UP Police Encounters: अपराधियों में बढ़ा डर, पुलिस का दावा
पुलिस विभाग का दावा है कि लगातार हो रही कार्रवाई के कारण अपराधियों में डर का माहौल बना है। कई बड़े गैंग या तो खत्म हो गए हैं या फिर राज्य छोड़कर भाग गए हैं।
हालांकि कुछ सामाजिक संगठनों ने एनकाउंटर की प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि हर कार्रवाई नियमों और जांच के बाद ही की जाती है।
UP Police Encounters: आधुनिक पुलिसिंग और तकनीक का उपयोग
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने तकनीक का भी सहारा लिया है। सीसीटीवी, डाटा एनालिसिस, सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए अपराधियों को पकड़ने में आसानी हुई है।
इसके साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और क्राइम ब्रांच को भी मजबूत किया गया है, जिससे संगठित अपराध पर बड़ी चोट पहुंची है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



