Dewas Firecracker Factory Blast: मध्य प्रदेश के देवास जिले में गुरुवार को हुए Dewas Firecracker Factory Blast ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। टोंककला गांव स्थित पटाखा फैक्ट्री में अचानक इतना जोरदार विस्फोट हुआ कि उसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाका इतना खतरनाक था कि फैक्ट्री की दीवारें तक हिल गईं। हादसे के बाद इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया और लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।
Read : तेल बचाने निकले जज साहब, साइकिल से पहुंचे कोर्ट
फैक्ट्री में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए चला रेस्क्यू
Dewas Firecracker Factory Blast के बाद सबसे बड़ी चुनौती फैक्ट्री के अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालना था। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।
घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से देवास जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल सात लोगों को इंदौर रेफर किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक कई मजदूर 50 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट के बाद कुछ सेकंड तक लगातार धमाकों की आवाज आती रही। इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखा सामग्री मौजूद थी।
प्रशासन और पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। Dewas Firecracker Factory Blast की जानकारी मिलते ही ADG उज्जैन राकेश गुप्ता, संभागायुक्त आशीष सिंह, DIG, कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत कार्यों की समीक्षा की।
पुलिस ने फैक्ट्री परिसर को सील कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि बारूद में अचानक विस्फोट होने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि प्रशासन अब यह भी जांच करेगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस बड़े हादसे के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। Dewas Firecracker Factory Blast ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि कई फैक्ट्रियों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री में अक्सर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी जाती थी। अगर सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जाता, तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन अब फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा उपकरण और कर्मचारियों के सुरक्षा प्रशिक्षण की भी जांच करेगा।
इलाके में पसरा डर और दहशत
हादसे के बाद पूरे टोंककला गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। Dewas Firecracker Factory Blast के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और देर तक घटनास्थल के आसपास भीड़ लगी रही। धुएं और आग के कारण आसपास के लोगों में डर फैल गया।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की नजर जांच रिपोर्ट पर
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन घायलों के इलाज पर नजर बनाए हुए है। Dewas Firecracker Factory Blast की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



