Uttarakhand SIR Campaign: उत्तराखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को गति दी जा रही है। इसी क्रम में 8 जून 2026 से राज्यभर में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संकलन करेंगे। निर्वाचन विभाग ने इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। राज्य के लगभग 80 लाख मतदाताओं को इस अभियान के दायरे में शामिल किया जाएगा।
Uttarakhand SIR Campaign के लिए तैयारियां पूरी
निर्वाचन आयोग द्वारा 14 मई को देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। उत्तराखंड में यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू हो चुकी है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ का प्रशिक्षण लगभग पूरा हो चुका है। तीन चरणों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद अब अधिकारी और कर्मचारी घर-घर जाकर मतदाताओं तक पहुंचने के लिए तैयार हैं। Uttarakhand SIR Campaign के तहत गणना प्रपत्रों की शत-प्रतिशत प्रिंटिंग भी पूरी कर ली गई है।
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8 जून से 7 जुलाई तक चलेगा डोर-टू-डोर अभियान
निर्वाचन विभाग के कार्यक्रम के अनुसार 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ प्रत्येक घर में पहुंचकर गणना फॉर्म वितरित करेंगे और भरे हुए फॉर्म वापस भी एकत्र करेंगे।
इस दौरान मतदाताओं की जानकारी को बीएलओ ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में अपलोड किया जाएगा। यदि किसी मतदाता से पहली बार संपर्क नहीं हो पाता है तो बीएलओ तीन बार तक उनके घर जाकर संपर्क करने का प्रयास करेंगे। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि Uttarakhand SIR Campaign का उद्देश्य राज्य की मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
राज्य में हैं 79 लाख से अधिक मतदाता
उत्तराखंड में वर्तमान समय में कुल 79 लाख 60 हजार 762 पंजीकृत मतदाता हैं। निर्वाचन विभाग इन सभी मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाने की तैयारी कर चुका है।
मतदाताओं की सुविधा के लिए गणना फॉर्म ईसीआई नेट ऐप पर भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक मतदाता स्वयं भी ऐप के माध्यम से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं, उसे भर सकते हैं और ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सुविधाओं के कारण Uttarakhand SIR Campaign पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और तेज़ होगा।
ड्राफ्ट रोल और अंतिम मतदाता सूची की तिथि घोषित
निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी समय-सारिणी भी जारी कर दी है। 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया सितंबर तक चलेगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार Uttarakhand SIR Campaign के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और सुधारों को अंतिम सूची में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
हजारों कर्मचारियों और एजेंटों की तैनाती
राज्यभर में इस अभियान को सफल बनाने के लिए 11,733 बीएलओ, 22,823 बूथ लेवल एजेंट (BLA), 70 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
राजनीतिक दलों से भी अधिकाधिक बीएलए नियुक्त करने का अनुरोध किया गया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भाजपा ने 11,429, कांग्रेस ने 10,901, सीपीआई ने 378 और बसपा ने 115 बीएलए नामित किए हैं। निर्वाचन विभाग का कहना है कि Uttarakhand SIR Campaign के दौरान राजनीतिक दलों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
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पहले ही 88 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की हो चुकी है मैपिंग
प्री-एसआईआर प्रक्रिया के दौरान राज्य के 70 लाख 79 हजार 726 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 88.93 प्रतिशत है। हालांकि 8 लाख 81 हजार से अधिक मतदाता ऐसे हैं जिनकी मैपिंग अभी तक नहीं हो सकी है। विशेष अभियान के दौरान इन सभी मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। निर्वाचन अधिकारियों का मानना है कि Uttarakhand SIR Campaign के पूरा होने के बाद राज्य की मतदाता सूची पहले से कहीं अधिक सटीक और अद्यतन होगी।
मतदाताओं को नहीं होगी किसी प्रकार की परेशानी
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गणना प्रपत्र भरने के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की घबराहट या भ्रम की आवश्यकता नहीं है। जिन लोगों के नाम पुराने रिकॉर्ड में नहीं हैं, वे भी फॉर्म-6 भरकर अपने नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
यदि किसी मतदाता के नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में त्रुटि है तो वे दावा और आपत्ति दर्ज कर उसे सुधार सकते हैं। विभाग ने सभी जिलों और विधानसभा स्तर पर हेल्प डेस्क तथा कॉल सेंटर भी स्थापित किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि Uttarakhand SIR Campaign का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और चुनावी प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाना है।
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