NEET Re-Exam Uttarakhand को लेकर राज्यभर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हैं। पिछले परीक्षा विवाद और पेपर लीक के बाद इस बार सरकार किसी भी प्रकार की चूक नहीं चाहती। यही वजह है कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की व्यवस्था भी की है।
NEET Re-Exam Uttarakhand को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
देशभर में NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जा रही है। पिछली परीक्षा के दौरान पेपर लीक के आरोपों के बाद लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ था। ऐसे में इस बार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और राज्य सरकारें परीक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि अभ्यर्थियों की सुरक्षा, सुविधा और परीक्षा की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा
NEET Re-Exam Uttarakhand में शामिल होने वाले छात्रों के लिए राज्य सरकार ने विशेष सुविधा की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है।
सरकार का मानना है कि आर्थिक या परिवहन संबंधी समस्याओं की वजह से किसी भी छात्र की परीक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। यही कारण है कि छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
10 जिलों में बनाए गए 53 परीक्षा केंद्र
राज्यभर में NEET Re-Exam Uttarakhand के लिए कुल 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 21 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। देहरादून में 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 6800 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।
नैनीताल जिले में 11 परीक्षा केंद्रों पर 3874 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जबकि उधम सिंह नगर जिले में 5 केंद्रों पर 2528 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। पिथौरागढ़ में केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। वहीं अल्मोड़ा के द्वाराहाट स्थित बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान में भी परीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है।
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परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
इस बार NEET Re-Exam Uttarakhand के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत बनाया गया है। देहरादून पुलिस के अनुसार प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि प्रत्येक तीन परीक्षा केंद्रों पर एक सुपरवाइजर के नेतृत्व में छह सदस्यीय विशेष टीम तैनात रहेगी। यह टीम परीक्षा शुरू होने से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा समाप्त होने के बाद तक लगातार निगरानी रखेगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी और आईटीबीपी के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे।
प्रशासन ने पूरी की अंतिम तैयारियां
देहरादून जिलाधिकारी आशीष चौहान के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है और वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। केंद्रों को सैनिटाइज किया गया है और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रवेश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, बिजली और सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो और किसी भी छात्र को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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छात्रों में उत्साह, शिक्षकों को भी बेहतर परीक्षा की उम्मीद
पिछली परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों को बड़ा मानसिक आघात लगा था। कई विद्यार्थियों को दोबारा तैयारी करनी पड़ी। देहरादून की छात्रा इशिता बताती हैं कि पहली परीक्षा में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था, लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद उन्हें निराशा हुई। हालांकि अब उन्होंने दोबारा तैयारी की है और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने जा रही हैं।
कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों का भी मानना है कि छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था। लेकिन अब अधिकांश विद्यार्थी पूरी तरह तैयार हैं और उम्मीद है कि इस बार परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सरकार का पूरा फोकस
NEET Re-Exam Uttarakhand को लेकर सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखना है। पिछले विवादों के बाद इस बार हर स्तर पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
21 जून को होने वाली यह परीक्षा हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हुई है। ऐसे में सरकार, पुलिस, प्रशासन और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी सभी मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि विद्यार्थियों को एक निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले।




