Kedarnath Helicopter Ticket Scam: Kedarnath Temple यात्रा के दौरान एक बार फिर साइबर ठगों ने श्रद्धालुओं की आस्था को निशाना बनाया है। इस बार आंध्र प्रदेश से बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे 22 श्रद्धालुओं के एक दल से हेलीकॉप्टर टिकट के नाम पर करीब 2 लाख 65 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। फर्जी टिकट लेकर जब श्रद्धालु हेलीपैड पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके साथ बड़ा धोखा हो चुका है।
चारधाम यात्रा के बीच सामने आए इस Kedarnath Helicopter Ticket Scam ने एक बार फिर ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम और साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है, जबकि प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान हुआ संपर्क
जानकारी के मुताबिक आंध्र प्रदेश के चित्तूर-तिरुपति ग्रामीण क्षेत्र से आए श्रद्धालु दल के सदस्य जी वीरा राघावलू अपने साथियों के साथ केदारनाथ धाम यात्रा पर पहुंचे थे। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से हेलीकॉप्टर टिकट बुक करने की कोशिश की, लेकिन सीट उपलब्ध नहीं हो पा रही थी।
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इसी दौरान उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को अधिकृत एजेंट बताते हुए 22 यात्रियों के लिए हेली टिकट उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। श्रद्धालुओं को लगा कि उन्हें अधिकृत माध्यम से सहायता मिल रही है, इसलिए उन्होंने उस पर विश्वास कर लिया।
अलग-अलग किस्तों में ठगे लाखों रुपये
आरोपी ने श्रद्धालुओं से अलग-अलग चरणों में पैसे ट्रांसफर करवाए। कुछ ही समय बाद उसने कथित तौर पर टिकट भी भेज दिए, जिन्हें देखकर यात्रियों को भरोसा हो गया कि उनकी बुकिंग पूरी हो चुकी है।
श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ केदारघाटी पहुंचे और तय समय पर हेलीपैड भी पहुंच गए। लेकिन वहां जांच के दौरान पता चला कि सभी टिकट पूरी तरह फर्जी हैं और सिस्टम में उनका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। Kedarnath Helicopter Ticket Scam का सच सामने आते ही पूरे दल के होश उड़ गए। जब पीड़ितों ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला।
यात्रा का उत्साह पलभर में टूटा
श्रद्धालुओं ने बताया कि वे महीनों से बाबा केदार के दर्शन की तैयारी कर रहे थे। परिवार और दोस्तों के साथ इस यात्रा को लेकर काफी उत्साह था, लेकिन फर्जी टिकट सामने आने के बाद पूरा दल मानसिक रूप से टूट गया।
कई यात्रियों ने कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई और वर्षों की श्रद्धा के साथ यात्रा की योजना बनाई थी। लेकिन साइबर ठगों ने धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बना लिया। यह घटना बताती है कि अब साइबर अपराधी सिर्फ बैंकिंग या ऑनलाइन शॉपिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धार्मिक यात्राओं को भी बड़ा ठगी का माध्यम बना चुके हैं।
हर साल बढ़ रहे ऐसे मामले
Kedarnath Temple के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की भारी मांग रहती है। सीमित सीटों और अधिक भीड़ का फायदा उठाकर साइबर ठग नकली वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज और व्हाट्सएप नंबर के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।
उत्तराखंड साइबर पुलिस लगातार फर्जी पोर्टल और नकली सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कर रही है, लेकिन अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर फिर सक्रिय हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा सीजन में श्रद्धालु जल्दबाजी और भीड़ के दबाव में बिना जांच-पड़ताल किए भुगतान कर देते हैं, जिसका फायदा ठग उठाते हैं।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
Niharika Tomar ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा है कि हेलीकॉप्टर टिकट सिर्फ अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही बुक करें। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान कॉल, सोशल मीडिया पोस्ट या निजी एजेंट के झांसे में न आएं।
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पुलिस ने साफ किया कि केदारनाथ हेली सेवा की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यम IRCTC Official Website से ही की जानी चाहिए। उन्होंने यात्रियों से यह भी कहा कि यदि कोई संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या कॉल मिले तो उसकी सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।
फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया सबसे बड़ा खतरा
Kedarnath Helicopter Ticket Scam जैसे मामलों में साइबर अपराधी अक्सर असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली साइट तैयार कर लेते हैं। इन वेबसाइटों पर कम कीमत, तुरंत टिकट और वीआईपी सेवा का लालच देकर लोगों से भुगतान कराया जाता है।
कई बार फेसबुक पेज और व्हाट्सएप प्रोफाइल पर सरकारी लोगो और फोटो लगाकर लोगों को भ्रमित किया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक भुगतान करने से पहले वेबसाइट का URL और अधिकृत स्रोत जरूर जांचना चाहिए।
यात्रा सीजन में बढ़ी सतर्कता की जरूरत
चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा अब यात्रा प्रबंधन का बड़ा हिस्सा बनती जा रही है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सिर्फ भौतिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और साइबर ठगों की पहचान करने की कोशिश जारी है। वहीं यह घटना श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान छोटी सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
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