करीब 150 किलोमीटर लंबा होगा नया कॉरिडोर
प्रस्तावित Delhi Rishikesh RRTS Project लगभग 150 किलोमीटर लंबा होगा। यह कॉरिडोर मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार और अंत में ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र तक पहुंचेगा। इस परियोजना का लगभग 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में और करीब 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में आएगा। दोनों राज्यों के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के बीच इस परियोजना को लेकर सहमति बन चुकी है। READ: उत्तराखंड में Voter List SIR Campaign ने पकड़ी रफ्तार, 97% मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र, अब वेरिफिकेशन और डिजिटाइजेशन पर फोकसउत्तराखंड सरकार ने डीपीआर के लिए जारी की राशि
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए उत्तराखंड सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने हरिद्वार-ऋषिकेश खंड के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने के लिए 7.02 करोड़ रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस राशि से परियोजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि डीपीआर तैयार होने के बाद Delhi Rishikesh RRTS Project के निर्माण की दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ सकेगा।परियोजना को गति देने के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी
राज्य सरकार ने परियोजना के बेहतर समन्वय के लिए अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार और NCRTC ने भी अपने-अपने स्तर पर अधिकारियों की तैनाती कर दी है। अब अगला महत्वपूर्ण चरण फिजिबिलिटी सर्वे का होगा। इसमें रूट की व्यवहार्यता, संभावित स्टेशनों की संख्या, यात्रियों की संभावित संख्या, भूमि अधिग्रहण, निर्माण लागत और पर्यावरणीय प्रभावों का गहन अध्ययन किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार गंगा तटीय क्षेत्रों में निर्माण और कुंभ मेले के दौरान यात्री दबाव जैसे पहलुओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। Read: उत्तराखंड में बढ़ता Communal Tension…. क्या देवभूमि की सामाजिक पहचान पर मंडरा रहा है खतरा?ढाई घंटे में पूरा होगा दिल्ली से ऋषिकेश का सफर
फिलहाल सड़क मार्ग से दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचने में सामान्य परिस्थितियों में पांच से छह घंटे का समय लग जाता है। लेकिन Delhi Rishikesh RRTS Project के पूरा होने के बाद यह दूरी महज 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी। हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव देगी। दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों उत्तराखंडवासियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। Read: उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट!पर्यटन और धार्मिक यात्रा को मिलेगा बड़ा फायदा
हरिद्वार और ऋषिकेश देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र हैं। चारधाम यात्रा, योग नगरी ऋषिकेश, गंगा आरती और एडवेंचर टूरिज्म के कारण यहां सालभर लाखों लोग पहुंचते हैं। Delhi Rishikesh RRTS Project शुरू होने के बाद तीर्थयात्रियों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों के लिए भी उत्तराखंड पहुंचना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। इससे होटल उद्योग, परिवहन, स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की संभावना है। READ: देशभर में बदला मौसम, 15 राज्यों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और लू का अलर्ट!देश के सबसे आधुनिक रेल नेटवर्क से जुड़ेगा उत्तराखंड
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पहले से ही देश की सबसे आधुनिक परिवहन परियोजनाओं में शामिल है। हरिद्वार और ऋषिकेश के जुड़ने के बाद उत्तराखंड भी इस हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि Delhi Rishikesh RRTS Project राज्य के आर्थिक विकास, पर्यटन और निवेश के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बरडबल इंजन सरकार की बड़ी परिवहन योजना
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बाद अब Delhi Rishikesh RRTS Project को उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में गिना जा रहा है। अगर सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली से ऋषिकेश का सफर न केवल तेज होगा बल्कि उत्तराखंड देश के सबसे आधुनिक परिवहन नेटवर्क से भी जुड़ जाएगा। इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल सकती है।
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