Unnao Rape Case latest news : उन्नाव गैंगरेप मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। दिल्ली की एक अदालत ने इस केस में पीड़िता की आवाज की फॉरेंसिक जांच कराने की अनुमति दे दी है। अदालत के इस फैसले के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया है। अब पीड़िता की आवाज का सैंपल लेकर उसे पहले से मौजूद ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग से मिलाया जाएगा, ताकि सच्चाई साफ हो सके।
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आरोपी की मांग पर पहुंचा मामला कोर्ट तक
यह मांग आरोपी शुभम सिंह की तरफ से की गई थी। शुभम सिंह पर आरोप है कि वह Gangrape Case शामिल था। आरोपी पक्ष का कहना है कि केस में कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिनमें कथित तौर पर पीड़िता की आवाज है। लेकिन बाद में पीड़िता ने यह कह दिया कि रिकॉर्डिंग में जो आवाज है, वह उसकी नहीं है। इसी बात को साफ करने के लिए आरोपी ने कोर्ट से Voice Semple की जांच कराने की मांग की थी।
कोर्ट ने दी जांच की मंजूरी
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज मुरारी प्रसाद सिंह ने इस मांग को सही मानते हुए पीड़िता की आवाज का सैंपल लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यह सैंपल सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) भेजा जाएगा। वहां वैज्ञानिक तरीके से यह जांच होगी कि रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाज और पीड़िता की आवाज एक ही है या नहीं।
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गैंगरेप केस क्यों है अहम
यह मामला पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के रेप केस से अलग है। आरोप है कि सेंगर द्वारा रेप किए जाने के करीब एक हफ्ते बाद पीड़िता के साथ गैंगरेप किया गया था। इसी मामले में शुभम सिंह आरोपी है। इसलिए इस केस में सामने आने वाले हर सबूत को बेहद अहम माना जा रहा है।
आरोपी पक्ष ने क्या कहा
आरोपी के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि ट्रायल के दौरान जिन रिकॉर्डिंग को सबूत माना गया था, अब उन्हीं पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि रिकॉर्डिंग में ऐसी बातें हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि पीड़िता ने अपनी मर्जी से घर छोड़ा था। ऐसे में आवाज की वैज्ञानिक जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी के साथ अन्याय न हो।
कोर्ट ने साफ कर दी स्थिति
कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि voice Semple की जांच सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया में मदद के लिए कराई जा रही है। इसका मतलब यह नहीं है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आते ही किसी को दोषी या बेगुनाह मान लिया जाएगा। रिपोर्ट की अहमियत और उसका असर ट्रायल के दौरान ही तय किया जाएगा।
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आगे की प्रक्रिया पर टिकी नजरें
अब अगला कदम पीड़िता की आवाज का सैंपल लेना और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजना है। रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट यह तय करेगा कि इसका केस पर क्या असर पड़ेगा। इस फैसले के बाद Unnao Gangrape Case में हलचल तेज हो गई है। सभी की नजरें अब इस जांच पर टिकी हैं, जो मामले की दिशा बदल भी सकती है और कई सवालों के जवाब भी दे सकती है।
इस पूरे मामले में यह भी जरूरी है कि जांच के दौरान पीड़िता का पूरा सम्मान और ध्यान रखा जाए। जांच सही हो, लेकिन पीड़िता पर किसी तरह का दबाव न पड़े। कोर्ट ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया कानून के मुताबिक और निष्पक्ष तरीके से होगी, ताकि सच सामने आ सके और न्याय मिल सके।
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