ASP Anuj Chaudhary Gorakhnath Temple Visit: संभल हिंसा और उससे जुड़ी पुलिस कार्रवाई के बाद सुर्खियों में आए एएसपी अनुज चौधरी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद अनुज चौधरी का गोरखपुर पहुंचकर गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करना महज एक धार्मिक यात्रा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे सियासी और प्रशासनिक संदेश तलाशे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ में जाकर मत्था टेकने को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें तेज हैं।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में पुलिस, सत्ता और विपक्ष के रिश्तों को लेकर बहस अपने चरम पर है। एक ओर बीजेपी के भीतर मुस्लिम वोट बैंक को लेकर तीखे बयान सामने आ रहे हैं, तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी पुलिस अधिकारियों पर सत्ता के संरक्षण का आरोप लगा रही है। इसी पृष्ठभूमि में अनुज चौधरी का गोरखनाथ मंदिर जाना कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
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ASP Anuj Chaudhary Gorakhnath Temple Visit: बीजेपी में बदला सियासी सुर, मुस्लिम वोट पर खुली बयानबाजी
उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों बीजेपी विधायकों और नेताओं के बयानों ने नई बहस छेड़ दी है। गोंडा के कटरा से विधायक बावन सिंह का यह कहना कि ‘प्रधानी के चक्कर में मुस्लिम वोट न बढ़वाएं, क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरनाक हो सकता है’ पार्टी के भीतर एक सख्त रुख की ओर इशारा करता है। पूर्व मंत्री सुरेश पासी भी साफ कह चुके हैं कि ‘ वह न तो मजार पर जाते हैं और न ही उन्हें मुस्लिम वोटों की जरूरत है।’ पश्चिमी यूपी के बड़े नेता संगीत सोम भी इसी लाइन पर खड़े नजर आए।
हालांकि, बीजेपी के भीतर इस मुद्दे पर एकरूपता नहीं है। बृजभूषण शरण सिंह जैसे नेता अब भी मुस्लिम समाज के साथ पुराने रिश्तों की बात कर रहे हैं। इस विरोधाभास के बीच बीजेपी का अल्पसंख्यक मोर्चा आंकड़ों के सहारे यह साबित करने की तैयारी में है कि मुस्लिम महिलाओं और समाज के एक बड़े हिस्से का समर्थन आज भी पार्टी को मिलता है।
ASP Anuj Chaudhary Gorakhnath Temple Visit : संभल हिंसा और कानूनी शिकंजा
संभल में हुई हिंसा और उसके बाद की पुलिस कार्रवाई ने प्रशासनिक अमले को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इसी मामले में एएसपी अनुज चौधरी पर अदालत द्वारा एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी। कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकने के बीच अनुज चौधरी की हर गतिविधि को सियासी चश्मे से देखा जा रहा है।
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ASP Anuj Chaudhary Gorakhnath Temple Visit: गोरखनाथ मंदिर में हाजिरी, धार्मिक आस्था या सियासी संकेत?
मकर संक्रांति के अवसर पर एएसपी अनुज चौधरी का गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर पहुंचना और पूजा-अर्चना करना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। तस्वीरों में वह बाबा गोरखनाथ के दरबार में मत्था टेकते नजर आए। चूंकि गोरखनाथ मंदिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि मानी जाती है, ऐसे में इस दौरे को सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रखा जा रहा।
चर्चा है कि एफआईआर के बाद उत्पन्न कानूनी संकट से उबरने और अपना पक्ष सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है।
ASP Anuj Chaudhary Gorakhnath Temple Visit: अखिलेश यादव का हमला, ‘पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद करो’
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अनुज चौधरी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा-‘अब कोई बचाने नहीं आएगा… भाजपा का फॉर्मूला है- पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद करो।’
अखिलेश के इस बयान ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष का आरोप है कि सत्ता के इशारे पर काम करने वाले अधिकारियों को अंत में अकेला छोड़ दिया जाता है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब संभल केस में पुलिस और न्यायपालिका के बीच FIR को लेकर खींचतान चल रही है।
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ASP Anuj Chaudhary Gorakhnath Temple Visit : पुलिस अधिकारियों में बढ़ी बेचैनी
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच कई पुलिस अधिकारी खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। विपक्षी दलों के निशाने पर आए अधिकारियों को डर है कि कहीं वे भी राजनीतिक लड़ाई का मोहरा न बन जाएं। अनुज चौधरी का गोरखनाथ मंदिर जाना इसी डर और असमंजस से जोड़कर देखा जा रहा है।
ASP Anuj Chaudhary Gorakhnath Temple Visit: सियासत, सत्ता और सिस्टम के बीच फंसा मामला
पूरा मामला अब केवल एक पुलिस अधिकारी या एक FIR तक सीमित नहीं रहा। यह यूपी की राजनीति में सत्ता, पुलिस और विपक्ष के जटिल रिश्तों को उजागर करता है।
एक ओर BJP के भीतर बदली रणनीति और बयानबाज़ी है, तो दूसरी ओर विपक्ष का तीखा हमला। इन सबके बीच अनुज चौधरी का गोरखनाथ मंदिर पहुंचना आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक संकेत दे सकता है।
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