Punjab Cabinet Decisions 2026: पंजाब सरकार की कैबिनेट बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता (Punjab Cabinet Decisions 2026) में आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में प्रशासनिक सुधार, सामाजिक आरक्षण और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी और कहा कि सरकार का फोकस पारदर्शिता, विकास और जनहित पर है।
छह जिलों में आरक्षण रोस्टर में बदलाव को मंजूरी
कैबिनेट (Punjab Cabinet Decisions 2026) ने राज्य के छह जिलों मोहाली, पटियाला, फाजिल्का, फिरोजपुर, मलेरकोटला और संगरूर में आरक्षण रोस्टर में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार, प्रशासनिक और भौगोलिक बदलावों को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन आवश्यक था। अब इस प्रस्ताव पर जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं, जिन्हें 10 दिनों के भीतर दर्ज कराया जा सकता है। इसके साथ ही पंजाब पंचायती राज अधिनियम 1994 में भी संशोधन किया गया है, ताकि जिलों, तहसीलों या ब्लॉकों की सीमाओं में बदलाव होने पर आरक्षण व्यवस्था को अपडेट किया जा सके।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डिसिल्टिंग को हरी झंडी
बैठक (Punjab Cabinet Decisions 2026) में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया। सतलुज और घग्गर नदियों के किनारे स्थित क्षेत्रों में गाद (डिसिल्टिंग) निकालने की मंजूरी दी गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि हरशा बेला (रोपड़), मंडाला ताजोबाल, भादाकाली रौन, रुकनेवाला, खैहराबाल और डेराबस्सी सहित कुल 9 स्थानों पर यह कार्य किया जाएगा।सरकार का कहना है कि इस कदम से बाढ़ की आशंका को कम किया जा सकेगा और नदियों के आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी।
किसानों को मिलेगी डिसिल्टिंग की अनुमति
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि जिन किसानों की जमीन नदी किनारे आती है, वे अपने स्तर पर डिसिल्टिंग कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए उन्हें पहले संबंधित विभाग से अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। इस कदम को किसानों के लिए राहत और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्यों पर सरकार का फोकस
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछले समय में आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर सुधार कार्य शुरू किए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार अब नदियों के आसपास स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचा जा सके।
विपक्ष और राजनीतिक बयानबाजी भी रही चर्चा में
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनीतिक सवालों पर भी वित्त मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े विजिलेंस जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। राघव चड्ढा से जुड़े सवाल पर उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जनता उन लोगों को पसंद नहीं करती जो जिम्मेदारी से पीछे हटते हैं।
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सरकार का दावा – पारदर्शिता और विकास पर जोर
पंजाब सरकार का कहना है कि कैबिनेट में लिए गए फैसले जनहित और प्रशासनिक सुधारों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने से लेकर बाढ़ प्रबंधन तक, सभी निर्णय लंबे समय के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
प्रशासनिक सुधार और राहत उपायों की दिशा में कदम
इस कैबिनेट बैठक (Punjab Cabinet Decisions 2026) से साफ है कि सरकार एक ओर सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह फैसले राज्य की नीतिगत दिशा को भी दर्शाते हैं।
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