रिपोर्टर-आदिल चौधरी
हापुड़ से बड़ी खबर सामने आ रही हैं। Supreme Court के एडवोकेट ने टोल पर हुई सैनिक के साथ मारपीट की कड़ी निंदा की हैं। इसके साथ ही उन्होंने ठेकेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन की भी मांग की हैं।
उन्होंंने कहा कि मेरठ में करनाल हाईवे पर एक सैनिक कपिल के साथ जो टोल कर्मियों ने मारपीट की है बल्कि यह काम उस सैनिक के साथ किया गया जो हाल फिलहाल में ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा भी रहा हैं। सैनिक देश की जनता को आतंकवादियों बचाते है और अपने भरे पूरे परिवार में अपने बीवी बच्चों को छोड़कर देश की सेवा करते है।
महिला संग छेड़छाड़ की देते हैं धमकी
17 अगस्त को हुई घटना में अपराधियों को जेल भेजा जा रहा है, ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और उन्होंने सैनिक के साथ हुई मारपीट की कड़ी निंदा भी की। इसके साथ ही उन्होंने परिस्थिति पर ध्यान खींचा कि न जाने ऐसे कितने टोल प्लाजा है जिन पर आए दिन किसी न किसी के साथ मारपीट गाली गलौज होती है सबसे बड़ी बात तो ये है आज कल टोल के ठेकेदार अब टोल पर लड़कियों को काम पर रखते है अगर आप कुछ बोलोगे तो आपके साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते है और छेड़छाड़ के आरोप में जेल भिजवाने की धमकी देते है।

ज्यादातर ठेकेदारों को बताया क्रिमिनल
ज्यादातर टोल के ठेकेदार क्रिमिनल होते है जिनपर गैंगस्टर, रेप मर्डर के केस दर्ज होते हैं। सरकार को ऐसे ठेकेदारों को टेंडर नहीं देना चाहिए। जब टेंडर को डाला जाए उससे पहले उन ठेकेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन होनी चाहिए। सबसे मुख्य बात यह है कि उस राजमार्ग से टोल न वसूला जाए जिस पर गड्ढों से भरपूर सड़क हो।
सड़कों को बनाए गड्ढा मुक्त
सरकार को इस पर कड़ा नियम बनाना चाहिए और सड़कों को गड्ढा मुक्त करना चाहिए। अगर सरकार आम नागरिक से टोल वसूलती है तो जनता के अनुसार ही टोल प्लाजा क्रिमिनल्स को न दे और ऑनलाइन टोल लिया जाए। सैनिक के साथ मारपीट करने की घटना की विकाश शर्मा के साथ सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के सभी अधिवक्ताओं( शिल्पी शाही, कमल किशोर,विशाल शर्मा, कीर्ति कला ,वैष्णवी) की कड़ी निंदा की गई।
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