Rakshabandhan News : अगर कोई आपको कहे कि भाई-बहन का सबसे खूबसूरत त्योहार कौन सा होता हैं। तो आपका जवाब जरुर रक्षाबंधन ही होगा। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गाजियाबाद में एक ऐसा भी गांव हैं जहां रक्षाबंधन नहींं मनाया जाता हैं।
इस गांव का नाम हैं सुराणा, गाजियाबाद के इस गांव मे रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाया जाता है। इसका कारण 12वीं शताब्दी में मोहम्मद गौरी द्वारा गांव पर किए गए हमले को माना जाता है, जिसमें गांव के कई लोगों की जान चली गई थी। इस हमले को गांव के लोग एक अपशकुन मानते हैं और इसलिए रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाते।

Rakshabandhan News : क्यों नहीं मनाते रक्षाबंधन
सुराणा गांव को पहले सोहनगढ़ के नाम से जाना जाता था। इस गांव में रक्षाबंधन न मनाने के पीछे एक ऐतिहासिक घटना हैं। दरअसल 12वीं शताब्दी में मोहम्मद गौरी ने इस गांव पर हमला किया था, जिसमें गांव के कई लोगों की जान चली गई थी, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की। इस हमले के दौरान गांव के लोग रक्षाबंधन का त्योहार मना रहे थे। इसलिए गांव के लोग इस दिन को एक अपशकुन मानते हैं और तब से आज तक यहां रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाया जाता हैं।
Rakshabandhan News : रक्षाबंधन पर मनाते हैं शोक
गांव के लोगों का मानना है कि यदि वे रक्षाबंधन मनाते हैं, तो उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। इसलिए इस दिन को एक शोक दिवस के रूप में मनाते हैं। अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
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— Lokhit Kranti News (@KrantiLokh53958) August 8, 2025
Rakshabandhan News : त्योहार को मानते हैं अशुभ
वही गांव के अंदर एक सत्ती का मंदिर है जिसको लेकर यह मान्यता है कि यह मंदिर उस दौरान स्थापित किया गया था, जिस वक्त इस इस गांव को बसाया गया था। सुराणा गांव में छाबड़िया गोत्र के लोग रहते हैं। इस गोत्र के लोगों का मानना है कि यह त्योहार उनके लिए अशुभ हैं और वे इसे मनाने से परहेज करते हैं।
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