Ghaziabad news : हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया फैसला
गाजियाबाद से बड़ी खबर सामने आई हैं दरअसल आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधियों के भ्रामक और आपत्तिजनक प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने हेतु शासन ने कड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 26 मार्च 2025 को हुई सुनवाई के दौरान ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम-1954 तथा नियम-1995 के तहत दिए गए निर्देशों के अनुपालन में यह कार्यवाही शुरू की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेशभर में शिकायत दर्ज कराने के लिए विशेष शिकायत पेटिकाएं स्थापित की गई हैं ताकि जनता सीधे भ्रामक विज्ञापनों के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठा सके।
Ghaziabad news : जानें क्या हैं पूरी खबर ?
इस संबंध में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, गाजियाबाद, डॉ० अशोक कुमार राना ने जानकारी दी कि निदेशक, आयुर्वेद सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत लखनऊ कार्यालय में एक शिकायत पेटिका स्थापित की गई है, जिसमें आम नागरिक स्वयं उपस्थित होकर किसी भी आयुर्वेदिक या यूनानी औषधि से संबंधित भ्रामक प्रचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त शिकायत को ई-मेल के माध्यम से भी सीधे निदेशालय की आधिकारिक ईमेल आईडी – ayurved.drug.advertisements@gmail.com पर भेजा जा सकता है। इससे डिजिटल माध्यम से भी शिकायत भेजने की सुविधा आम नागरिकों को उपलब्ध हो सकेगी।
इसी क्रम में जनपद गाजियाबाद एवं हापुड़ में भी क्षेत्रीय कार्यालयों पर शिकायत पेटिका स्थापित कर दी गई है, जहां लोग स्वयं पहुंचकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों ने अपील की है कि यदि कोई वैद्य, हकीम अथवा औषधि निर्माता या विक्रेता भ्रामक या आपत्तिजनक विज्ञापन करता है, तो उसकी सूचना अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। यह कदम आम जनमानस की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के हित में अत्यंत आवश्यक है। जनपद के समस्त औषधि निर्माता एवं विक्रेता संगठनों को इस विषय में पहले ही पत्र जारी कर दिया गया है, जिसमें उन्हें उक्त अधिनियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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