Fake Facebook ID of Manoj Tiwari: उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद और मशहूर भोजपुरी गायक मनोज तिवारी के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी फेसबुक आईडी चलाए जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर साइबर अपराध को लेकर बीजेपी सांसद ने दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और इसे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की सोची-समझी साजिश बताया है।
मनोज तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अपने प्रशंसकों और आम जनता को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फेसबुक पर उनका केवल एक ही आधिकारिक अकाउंट है, जिस पर ब्लू टिक वेरिफिकेशन मौजूद है। इसके अलावा उनके नाम से चल रहे अन्य अकाउंट (Fake Facebook ID of Manoj Tiwari) पूरी तरह फर्जी हैं।
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‘Monoj Tiwari BJP’ नाम से चल रहा था फर्जी अकाउंट
शिकायत के मुताबिक, फर्जी फेसबुक आईडी ‘Monoj Tiwari BJP’ के नाम से संचालित की जा रही थी, जिसमें मनोज तिवारी की तस्वीरें, वीडियो और नाम का अनधिकृत इस्तेमाल किया गया। इस अकाउंट के जरिए जनता के बीच भ्रामक और गुमराह करने वाले संदेश फैलाए जा रहे थे। सांसद का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ जनता को भ्रमित करती हैं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि की विश्वसनीयता और छवि पर सीधा हमला हैं। उन्होंने आशंका (Fake Facebook ID of Manoj Tiwari) जताई है कि यह किसी व्यक्ति विशेष की शरारत नहीं, बल्कि एक संगठित साइबर साजिश भी हो सकती है।

22 जनवरी को दर्ज हुई थी शिकायत, अब तक गिरफ्तारी नहीं
मनोज तिवारी ने बताया कि उन्होंने 22 जनवरी को ही नई दिल्ली जिला अंतर्गत साइबर पुलिस स्टेशन में इस मामले की शिकायत दर्ज करा दी थी। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक फर्जी आईडी चलाने वाले व्यक्ति या गिरोह की पहचान नहीं हो सकी है। इस देरी को लेकर सांसद ने नाराजगी जताई और कहा कि हाई-प्रोफाइल मामलों में त्वरित कार्रवाई न होना चिंता का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस जल्द से जल्द दोषियों तक पहुंचेगी और कड़ी कार्रवाई करेगी।
IT Act और BNS की धाराओं में दर्ज हुआ केस
दिल्ली पुलिस ने इस मामले को गंभीर साइबर अपराध मानते हुए आईटी एक्ट की धारा 66C (पहचान की चोरी) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है और फर्जी अकाउंट (Fake Facebook ID of Manoj Tiwari) के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर किसी सार्वजनिक व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है और इसमें सख्त सजा का प्रावधान है।
डिजिटल युग में नेताओं की बढ़ती साइबर चुनौतियां
यह मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि डिजिटल युग में राजनेता और सार्वजनिक हस्तियां साइबर अपराधियों के आसान निशाने पर हैं। फर्जी अकाउंट्स (Fake Facebook ID of Manoj Tiwari) के जरिए न सिर्फ अफवाहें फैलाई जाती हैं, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आम नागरिकों को भी किसी भी नेता या सेलिब्रिटी के नाम से आने वाले संदेशों और पोस्ट्स की प्रामाणिकता जांचनी चाहिए और केवल वेरिफाइड अकाउंट्स पर ही भरोसा करना चाहिए।
जनता से अपील – सतर्क रहें, रिपोर्ट करें
मनोज तिवारी ने अपने समर्थकों से अपील की है कि यदि उन्हें उनके नाम से कोई संदिग्ध अकाउंट (Fake Facebook ID of Manoj Tiwari) या संदेश दिखाई दे, तो उसे तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर पुलिस को रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि सतर्कता ही ऐसे साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
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