LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: FPI withdrawal: FPI की भारी बिकवाली से 2026 की शुरुआत, विदेशी निवेशकों ने दो दिन में निकाले ₹7,600 करोड़
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > बिज़नेस > FPI withdrawal: FPI की भारी बिकवाली से 2026 की शुरुआत, विदेशी निवेशकों ने दो दिन में निकाले ₹7,600 करोड़
बिज़नेस

FPI withdrawal: FPI की भारी बिकवाली से 2026 की शुरुआत, विदेशी निवेशकों ने दो दिन में निकाले ₹7,600 करोड़

Lokhit Kranti
Last updated: 2026-01-05 1:06 pm
Lokhit Kranti Published 2026-01-05
Share
FPI withdrawal
FPI withdrawal: FPI की भारी बिकवाली से 2026 की शुरुआत, विदेशी निवेशकों ने दो दिन में निकाले ₹7,600 करोड़
SHARE

FPI withdrawal: Foreign Portfolio Investors (FPI) ने साल 2026 की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता के संकेतों के साथ की है। जनवरी 2026 के पहले दो कारोबारी दिनों में ही FPI निवेश, FPI withdrawal और विदेशी निवेश निकासी जैसे शब्द बाजार की सुर्खियों में छा गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने महज दो दिनों में भारतीय इक्विटी बाजार से ₹7,608 करोड़ की भारी निकासी कर ली है। इससे यह साफ हो गया है कि FPI outflow 2026 की शुरुआत भी पिछले साल के ट्रेंड को आगे बढ़ा रही है।

Contents
2025 की FPI withdrawal का असर अब भी कायमजनवरी में FPI की सतर्कता क्यों रहती है?क्या 2026 में बदलेगा FPI निवेश का रुख?वैश्विक संकेत और वैल्यूएशन होंगे निर्णायकघरेलू निवेशकों के लिए क्या संकेत?

READ MORE: अमेरिका–वेनेजुएला तनाव का असर भारतीय बाजार पर, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रचा इतिहास!

2025 की FPI withdrawal का असर अब भी कायम

विशेषज्ञों का मानना है कि FPI withdrawal का यह सिलसिला 2025 में हुई रिकॉर्ड बिकवाली की निरंतरता है। बीते साल FPI ने करीब ₹1.66 लाख करोड़ रुपये भारतीय शेयर बाजार से निकाले थे, जिसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी विदेशी बिकवाली माना जा रहा है। इस लगातार हो रही FPI withdrawal का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स, निफ्टी और रुपये की चाल पर देखने को मिला।

2025 में FPI withdrawal के पीछे कई कारण जिम्मेदार रहे। इनमें ग्लोबल ट्रेड टेंशन, अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता, ऊंचा इक्विटी वैल्यूएशन, और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी प्रमुख रहे। साल 2025 के दौरान रुपया करीब 5 प्रतिशत तक कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

 READ MORE: भारत कोकिंग कोल का IPO 9 जनवरी से, कोल इंडिया बेचेगी 10% हिस्सेदारी

जनवरी में FPI की सतर्कता क्यों रहती है?

बाजार जानकारों के अनुसार, जनवरी महीने में FPI cautious approach कोई नई बात नहीं है। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि साल की शुरुआत में विदेशी निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग पर फोकस करते हैं। यही वजह है कि हर साल जनवरी में FPI outflow in India देखने को मिलता है।

NSDL के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 1 और 2 जनवरी 2026 के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने ₹7,608 करोड़ की निकासी की है। इससे शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ी है और निवेशकों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या FPI investment 2026 में वापसी करेगा या नहीं।

उत्तराखंड की बड़ी खबर देखने के लिये क्लिक करे

क्या 2026 में बदलेगा FPI निवेश का रुख?

हालांकि, तमाम नकारात्मक संकेतों के बीच बाजार विशेषज्ञ 2026 को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं। जानकारों का कहना है कि FPI inflow 2026 की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। मजबूत डोमेस्टिक फंडामेंटल, भारत की बेहतर GDP growth, और कॉरपोरेट अर्निंग्स में संभावित सुधार विदेशी निवेशकों को दोबारा आकर्षित कर सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि भारत की आर्थिक रफ्तार बनी रहती है और कंपनियों के नतीजे मजबूत होते हैं, तो आने वाले महीनों में FPI investment in Indian stock market में सुधार देखने को मिल सकता है। इससे शेयर बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद भी बढ़ेगी।

Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

वैश्विक संकेत और वैल्यूएशन होंगे निर्णायक

मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंध, वैश्विक ब्याज दरों का रुख और डॉलर-रुपये की स्थिरता आगे FPI निवेश के लिए निर्णायक भूमिका निभाएंगे। 2025 की तुलना में अब भारतीय शेयर बाजार के equity valuation अधिक संतुलित स्तर पर आ गए हैं, जो विदेशी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

इसके अलावा, यदि अमेरिका और अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों में कटौती होती है, तो उभरते बाजारों की ओर पूंजी प्रवाह बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में भारत एक बार फिर FPI investment destination के रूप में उभर सकता है।

READ MORE:  शेयर बाजार की मजबूती से टॉप-10 कंपनियों की चमक बढ़ी, रिलायंस बनी सबसे मूल्यवान

घरेलू निवेशकों के लिए क्या संकेत?

लगातार हो रही FPI withdrawal के बावजूद घरेलू निवेशकों और म्यूचुअल फंड्स ने बाजार को काफी हद तक संभाल कर रखा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को FPI outflow से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर फोकस बनाए रखना चाहिए।

कुल मिलाकर, 2026 की शुरुआत में FPI withdrawal , विदेशी निवेशकों की सतर्कता और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता जरूर बढ़ाई है। लेकिन मजबूत आर्थिक संकेतक, बेहतर वैल्यूएशन और संभावित वैश्विक राहत से यह उम्मीद बनी हुई है कि आने वाले समय में FPI investment in India फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। फिलहाल बाजार की नजर विदेशी निवेशकों की अगली रणनीति और वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।

पढ़े ताजा अपडेट:  Hindi News, Today Hindi News, Breaking News

You Might Also Like

10 जुलाई से पहले इन 30 शेयरों पर रखें नजर, Dividend Stocks खरीदने का आखिरी मौका

Ethanol Blending: हाई एथेनॉल ब्लेंडिंग पर सरकार की धीमी चाल, E-22 से E-30 Fuel लागू करने से पहले होगा व्यापक अध्ययन

मध्य प्रदेश में बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट मिसाइल हब, 2,500 करोड़ के Adani Missile Project से रक्षा क्षेत्र को मिलेगी नई ताकत

FMCG Price Hike: महंगा होगा साबुन-तेल! FMCG कंपनियों पर बढ़ा लागत का दबाव, जल्द बढ़ सकती हैं रोजमर्रा के सामान की कीमतें

आपकी जेब को मिल सकती है बड़ी राहत! Petrol Diesel Price में 2 से 4 रुपये तक कटौती की उम्मीद, जानिए कब सस्ता होगा ईंधन

Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Bareilly DM
उत्तर प्रदेश

Bareilly DM ने कांवड़ियों को परोसा प्रसाद, विशाल भंडारे का किया शुभारंभ

News Desk News Desk 2026-08-04
Bihar News: चेहल्लुम को लेकर दरभंगा प्रशासन हाई अलर्ट पर
DHBVN ALM Bribe Case: फतेहाबाद में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
Ludhiana Murder Case: टाइल कारीगर की मौत से मचा हड़कंप
Bareilly Development Authority: रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली का हुआ निरीक्षण
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Follow Us

Lokhit Kranti
Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?