Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर बढ़ते मतभेद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। पार्टी सुप्रीमो के परिवार से आने वाली रोहिणी आचार्य ने अपने तीखे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी के एक फैसले का खुलकर विरोध किया है। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर सवाल उठने लगे हैं।
विवाद की शुरुआत सारण के नेता हरेलाल यादव के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई से हुई। पार्टी ने हरेलाल यादव को छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया, जिसके बाद रोहिणी आचार्य ने न केवल इस फैसले पर नाराजगी जताई बल्कि राज्यसभा सांसद संजय यादव का (Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav) नाम लेते हुए उन्हें सीधे निशाने पर ले लिया। इस घटनाक्रम ने RJD की आंतरिक राजनीति को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
हरेलाल यादव के निष्कासन पर क्यों भड़कीं रोहिणी?
जानकारी के अनुसार, सारण के एक कार्यकर्ता पंकज यादव के निधन के बाद उनकी पत्नी ने रोहिणी आचार्य से संपर्क किया था। इसके बाद रोहिणी ने अपने समर्थक माने जाने वाले हरेलाल यादव को परिवार से मिलने और सहायता पहुंचाने के लिए भेजा था। इसी घटनाक्रम के बाद पार्टी द्वारा हरेलाल यादव पर कार्रवाई किए जाने को लेकर रोहिणी ने सवाल उठाए। उन्होंने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी (Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav) के लिए काम करने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
संजय यादव पर सीधा हमला
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया मंच पर एक लंबा संदेश साझा करते हुए पार्टी नेतृत्व के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा, ‘संजय यादव या उसके ही जैसे लोगों पर सवाल उठाने वालों पर ही अगर कार्रवाई करनी है , तो सबसे पहले मुझ पर कार्रवाई करने की हिम्मत जुटाएं , मैं आज भी पार्टी में हूं और पार्टी को संजय यादव , रमीज, सुनील सिंह जैसे लोगों के चुंगल से छुड़ाने के लिए लगातार अपनी आवाज उठा रही हूं, आगे भी उठाती रहूंगी , मैं लालू जी की बेटी हूं कभी गलत के सामने घुटने नहीं टेकूंगी और मेरा साथ देने वाले लोग भी किसी निष्कासन की कार्रवाई की परवाह किए बिना मेरे साथ मजबूती से खड़े ही रहेंगे.’ इस बयान (Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav) को पार्टी के भीतर असंतोष की खुली अभिव्यक्ति माना जा रहा है।
सारण संगठन को लेकर भी उठाए सवाल
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में सारण जिले के संगठनात्मक ढांचे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में कई ऐसे लोग प्रभावी भूमिका में हैं जो पार्टी हितों के बजाय विरोधियों के इशारों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, सारण का पूरा जिला संगठन वैसे लोगों के कब्जे (Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav) में है जो कहने को तो पार्टी में हैं , मगर हकीकत में विरोधियों के इशारे पर काम करते हैं. चुनाव में पार्टी विरोधी काम करते हैं.
सारण का हर एक विधायक, हर पार्टी पदाधिकारी पूरी तरह से निष्क्रिय है और जो लोग पार्टी की भलाई के लिए जनता के बीच जाते हैं, पार्टी से जुड़े लोगों-कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सुख-दुःख को साझा करते हैं , उनको ही ये निष्क्रिय एवं साजिश करने वाले लोग टारगेट करते हैं.’ यह बयान संगठन (Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav) के भीतर कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर असहमति को दर्शाता है।
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संजय यादव की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण?
संजय यादव को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है और उन्हें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है। वर्तमान में वह राज्यसभा सांसद भी हैं और संगठन में प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि रोहिणी आचार्य द्वारा सीधे उनका नाम लेना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण (Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav) माना जा रहा है। इससे पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को भी बल मिला है।
RJD के लिए क्या हैं संकेत?
रोहिणी आचार्य का यह सार्वजनिक विरोध ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार की राजनीति आगामी चुनावी रणनीतियों की ओर बढ़ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर उठ रही आवाजों को समय रहते नहीं संभाला गया तो इसका असर संगठनात्मक एकजुटता (Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav) पर पड़ सकता है।
फिलहाल RJD नेतृत्व की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन रोहिणी आचार्य के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के भीतर कुछ मुद्दों (Rohini Acharya Targets Sanjay Yadav) को लेकर मतभेद मौजूद हैं और आने वाले दिनों में यह विवाद और चर्चा का विषय बन सकता है।
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