बिहार के दरभंगा जिले में चर्चित Darbhanga Murder Case में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला प्रेम-प्रसंग, विश्वासघात और एक परिवार के बिखरने की दर्दनाक कहानी से जुड़ा है। बेटे के जन्मदिन के मौके पर अपनी पत्नी से मिलने पहुंचे एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया था।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदिदेव की अदालत ने सिमरी थाना क्षेत्र के कमरौली गांव निवासी संगीता देवी और उसके प्रेमी कुंदन कुमार उर्फ बजरंगी को दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
Darbhanga Murder Case में अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह मामला सिमरी थाना कांड संख्या 147/23 और सत्रवाद संख्या 675/23 से जुड़ा था। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने 24 जुलाई को दोनों आरोपितों को हत्या का दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के बाद अंतिम फैसला सुनाया गया।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोनों को दोषी माना। साथ ही आदेश दिया कि यदि अर्थदंड जमा नहीं किया जाता है तो दोषियों को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस Darbhanga Murder Case में अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण सबूत और गवाह अदालत के सामने प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर दोष सिद्ध हुआ।
Darbhanga Murder Case की रात क्या हुआ था?
घटना 21 जुलाई 2023 की रात की है। मृतक राम कुमार साह अपने बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए पत्नी के पास मुर्गी फार्म पर पहुंचे थे। परिवार के लिए खुशियों का दिन कुछ ही घंटों में एक दर्दनाक हादसे में बदल गया।
जांच में सामने आया कि राम कुमार साह की पत्नी संगीता देवी और कुंदन कुमार के बीच प्रेम संबंध थे। बताया गया कि संगीता अक्सर कुंदन के मुर्गी फार्म पर रहती थी। इसी संबंध को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
मामले के अनुसार देर रात मृतक के पिता रामाशीष साह को सूचना मिली कि उनके बेटे के साथ मारपीट की जा रही है। सूचना मिलते ही वह परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे।
Darbhanga Murder Case में बर्बरता की सारी हदें पार
प्रत्यक्षदर्शियों और अभियोजन पक्ष के अनुसार जब परिजन मौके पर पहुंचे तो राम कुमार साह पर लाठी-डंडों से हमला किया जा रहा था। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ अत्यंत क्रूरता की।
इस Darbhanga Murder Case में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपितों ने मृतक की आंखें तक फोड़ दी थीं। गंभीर चोटों के कारण राम कुमार साह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से दोनों न्यायिक हिरासत में थे।
Darbhanga Murder Case में 10 गवाह बने फैसले की नींव
अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे एपीपी दिलीप कुमार साह ने बताया कि अदालत में कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई। गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों ने इस Darbhanga Murder Case को मजबूत आधार प्रदान किया।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत में विस्तार से पक्ष रखा और बताया कि उपलब्ध सबूतों से यह स्पष्ट हुआ कि हत्या पूर्व नियोजित और बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। अदालत ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों का गहन अध्ययन करने के बाद दोषियों को सजा सुनाई।
Darbhanga Murder Case ने रिश्तों पर खड़े किए सवाल
यह मामला केवल एक हत्या नहीं बल्कि रिश्तों में विश्वास टूटने की भी कहानी है। बेटे के जन्मदिन पर परिवार से मिलने पहुंचे एक व्यक्ति की हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया। अदालत के फैसले को मृतक के परिजनों ने न्याय की जीत बताया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस Darbhanga Murder Case में आया फैसला ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश देगा और कानून के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करेगा।
देश और दुनिया की हर महत्वपूर्ण खबर सबसे पहले और सबसे सटीक तरीके से पाने के लिए लोकहित क्रांति के साथ जुड़े रहिए।


