नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक तबाही की आशंका जताई जा रही थी और प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया था। सीमावर्ती जिलों में लोग दहशत में थे और नदियों के किनारे बसे गांवों को खाली कराने तक की तैयारी की जा रही थी। हालांकि अब इस बीच बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिस पैमाने पर पानी गंडक नदी में पहुंचने की आशंका जताई जा रही थी, उतना पानी अब तक नहीं पहुंचा है, जिससे प्रभावित इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली है।
वाल्मीकिनगर बराज से घटा पानी का डिस्चार्ज
नेपाल त्रासदी के बाद प्रशासन की निगरानी लगातार वाल्मीकिनगर बराज पर टिकी हुई है। बीती रात बराज से अधिकतम 1 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था, जिसके बाद निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका गहरा गई थी। लेकिन राहत की बात यह रही कि इसके बाद डिस्चार्ज में लगातार कमी दर्ज होने लगी। आज सुबह 6 बजे बराज से महज 88 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ, जो बीती रात के मुकाबले काफी कम है। जल संसाधन विभाग की टीमें बराज पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और हर घंटे डिस्चार्ज के आंकड़ों की समीक्षा की जा रही है।
गंडक नदी के जलस्तर पर बनी हुई है नजर
गंडक नदी बिहार के कई जिलों से होकर गुजरती है और वाल्मीकिनगर बराज से छोड़ा जाने वाला पानी सीधे तौर पर नदी के जलस्तर को प्रभावित करता है। नेपाल में हुई भारी बारिश और वहां आई बाढ़ की तस्वीरों के बाद बिहार प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गया था और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड में रखा गया था। हालांकि डिस्चार्ज में आई गिरावट के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। इसके बावजूद प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।
प्रशासन ने बरती सतर्कता, लोगों से की अपील
नेपाल त्रासदी के मद्देनजर जारी हाई अलर्ट के बीच बिहार के सीमावर्ती जिलों में प्रशासनिक अमला मुस्तैद है। बाढ़ नियंत्रण से जुड़े अधिकारी बराज से मिलने वाले डिस्चार्ज के आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति तय कर रहे हैं। फिलहाल पानी के प्रवाह में आई कमी को राहत की बात माना जा रहा है, लेकिन नेपाल में बारिश की स्थिति को देखते हुए आने वाले घंटों में आंकड़ों में उतार-चढ़ाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासनिक अपडेट पर भरोसा रखने की अपील की है।
आगे की स्थिति पर बनी रहेगी नजर
जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दोनों ही वाल्मीकिनगर बराज से मिलने वाले हर अपडेट पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि डिस्चार्ज में कमी के बावजूद हाई अलर्ट अभी वापस नहीं लिया गया है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।


