बिहार की राजधानी पटना। बिहार सरकार ने सोमवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा उलटफेर करते हुए 17 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा सीवान और भोजपुर जिले के जिलाधिकारियों को लेकर है, जहां हाल की घटनाओं के बाद प्रशासनिक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही थी।
सीवान DM विवेक रंजन मैत्रेय हटाए गए
सीवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग की घटना सामने आने के बाद वहां के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय को पद से हटा दिया गया है। उन्हें फिलहाल सामान्य प्रशासन विभाग में पोस्टिंग के इंतजार में भेजा गया है।
भोजपुर को मिला नया जिलाधिकारी
भरत एनकाउंटर के बाद सुर्खियों में रहे भोजपुर जिले की कमान अब मनोज कुमार मीणा को सौंपी गई है। वे तनय सुल्तानिया की जगह लेंगे। कुल मिलाकर राज्य के पांच जिलों में जिलाधिकारी बदले गए हैं।
गृह विभाग समेत कई प्रधान सचिव बदले
फेरबदल में सबसे अहम बदलाव गृह विभाग में हुआ है। 1997 बैच के अधिकारी पंकज कुमार, जो पहले ग्रामीण विकास विभाग संभाल रहे थे, अब गृह विभाग के प्रधान सचिव बनाए गए हैं। इसके साथ ही कुंदन कुमार गृह विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त हो गए हैं।
वहीं 2001 बैच के अधिकारी राजेश कुमार को पटना प्रमंडल का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि मौजूदा आयुक्त मयंक वरवड़े को निगरानी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
वित्त, शिक्षा और अन्य विभागों में बदलाव
1999 बैच के विनय कुमार को वित्त विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है, हालांकि वे नगर विकास विभाग का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालते रहेंगे। 2007 बैच के संजय कुमार सिंह को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की कमान सौंपी गई है।
शिक्षा विभाग में भी बदलाव हुआ है — 2010 बैच के राजीव रौशन को शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया, जबकि विनोद सिंह गुंजियाल को समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। 2008 बैच के बी. कार्तिकेय धनजी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के नए सचिव होंगे।
इसके अलावा एचआर श्रीनिवास को ग्रामीण विकास विभाग का अपर मुख्य सचिव और अरविंद कुमार चौधरी को बिपार्ड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2013 बैच के नवदीप शुक्ला बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को सरकार की कार्यशैली में सख्ती और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।


