VBG Ram-G Yojana: उत्तराखंड सहित पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से VBG Ram-G Yojana (Viksit Bharat Rozgar Aur Aajeevika Guarantee Yojana) औपचारिक रूप से लागू हो गई है। यह योजना पूर्व में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नया स्वरूप मानी जा रही है। केंद्र सरकार का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित न रखकर आजीविका, आधारभूत संरचना, जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।
नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही उत्तराखंड के लाखों ग्रामीण श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने दैनिक मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि करते हुए पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम ₹300 प्रतिदिन की मजदूरी सुनिश्चित की है। इससे राज्य के ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ने के साथ-साथ गांवों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होने की उम्मीद है।
क्या है VBG Ram-G Yojana और क्यों लाई गई नई योजना?
VBG Ram-G Yojana का पूरा उद्देश्य ग्रामीण भारत को विकसित भारत-2047 के विजन से जोड़ना है। केंद्र सरकार ने महसूस किया कि केवल रोजगार उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करें और स्थायी विकास सुनिश्चित करें।
नई योजना में रोजगार के साथ जल संरक्षण, कृषि सुधार, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, आजीविका बढ़ाने और आपदा न्यूनीकरण जैसे कार्यों को प्रमुखता दी गई है। इसी सोच के साथ मनरेगा को नए स्वरूप में परिवर्तित कर VBG Ram-G Yojana लागू की गई है।
उत्तराखंड में मजदूरी में कितना हुआ इजाफा?
उत्तराखंड के लिए इस योजना का सबसे बड़ा लाभ मजदूरी दर में हुई बढ़ोतरी है। पहले मनरेगा के तहत राज्य में ग्रामीण श्रमिकों को प्रतिदिन लगभग ₹252 की मजदूरी मिलती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब किसी भी श्रमिक को ₹300 से कम मजदूरी नहीं मिलेगी।
सरकार के अनुसार नई मजदूरी दर लागू होने से उत्तराखंड के श्रमिकों की दैनिक आय में लगभग 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। वहीं राष्ट्रीय औसत मजदूरी भी ₹299 से बढ़कर ₹327 से अधिक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई मजदूरी ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी और गांवों से पलायन कम करने में भी मदद मिल सकती है।
उत्तराखंड पहले से था पूरी तरह तैयार
राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद तैयारी शुरू कर दी थी। ग्राम्य विकास विभाग ने प्रदेशभर में योजना के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समय से पूरा किया।
उत्तराखंड की सभी 7,817 ग्राम पंचायतों की डिजिटल मैपिंग कर उनका पूरा डेटा केंद्र सरकार के Yuktidhara Portal पर अपलोड किया गया। इससे विकास कार्यों की ऑनलाइन निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
इसके अलावा विभागीय अधिकारियों और पंचायत स्तर के कर्मचारियों को भी नई व्यवस्था के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया ताकि योजना लागू होने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
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92 प्रतिशत श्रमिकों की हो चुकी है e-KYC
नई योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य बनाया गया है। उत्तराखंड में इस दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
प्रदेश में पूर्व मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत लगभग 7.58 लाख सक्रिय श्रमिकों में से करीब 92 प्रतिशत श्रमिकों की e-KYC पूरी हो चुकी है।
इससे मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खातों में होगा और फर्जी लाभार्थियों की संभावना काफी हद तक समाप्त होगी। सरकार का लक्ष्य शेष श्रमिकों की ई-केवाईसी भी जल्द पूरी करना है।
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318 प्रकार के विकास कार्यों को मिली मंजूरी
नई VBG Ram-G Yojana केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों के समग्र विकास पर भी फोकस करती है। योजना के तहत कुल 318 प्रकार के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
1. जल सुरक्षा एवं जल संरक्षण
इस श्रेणी में 107 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें तालाब निर्माण, जल संचयन, चेक डैम, वर्षा जल संरक्षण, सिंचाई परियोजनाएं और जल स्रोतों का संरक्षण प्रमुख हैं।
2. ग्रामीण आजीविका विकास
86 प्रकार के कार्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसमें कृषि सुधार, पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े कार्य शामिल हैं।
3. ग्रामीण आधारभूत संरचना
88 प्रकार के कार्य गांवों में सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य आधारभूत ढांचे के निर्माण से जुड़े हैं।
4. आपदा न्यूनीकरण
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को ध्यान में रखते हुए 37 प्रकार के आपदा प्रबंधन संबंधी कार्यों को भी योजना में शामिल किया गया है। इनमें भूस्खलन रोकथाम, जल निकासी, सुरक्षा दीवार, आपदा सुरक्षा संरचनाएं और संवेदनशील क्षेत्रों का विकास शामिल है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार
राज्य सरकार का मानना है कि VBG Ram-G Yojana केवल मजदूरी बढ़ाने वाली योजना नहीं बल्कि ग्रामीण विकास का व्यापक मॉडल है।
नई योजना के माध्यम से गांवों में रोजगार सृजन के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, कृषि उत्पादन में सुधार, जल संकट का समाधान और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे विकास कार्यों के जरिए स्थानीय लोगों को अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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ग्रामीण पलायन रोकने में भी मिल सकती है मदद
उत्तराखंड लंबे समय से ग्रामीण पलायन की समस्या से जूझ रहा है। रोजगार की कमी के कारण बड़ी संख्या में युवा शहरों की ओर पलायन करते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि VBG Ram-G Yojana के तहत स्वीकृत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाते हैं और मजदूरी का नियमित भुगतान सुनिश्चित होता है तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पलायन पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
सरकार की प्राथमिकता: रोजगार के साथ स्थायी विकास
उत्तराखंड सरकार का कहना है कि नई योजना के जरिए रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जाएगा। जल संरक्षण, कृषि विकास, आधारभूत ढांचे और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस राज्य के दीर्घकालिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रामीण विकास विभाग का दावा है कि VBG Ram-G Yojana उत्तराखंड के विकास मॉडल को नई दिशा देगी और आने वाले वर्षों में गांवों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को पहले से अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
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