Organ Donation Campaign: हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में रविवार को Organ Donation Campaign की भव्य शुरुआत हुई। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज की ओर से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य देशभर में अंगदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को इस पुण्य कार्य से जोड़ना है। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान हजारों लोगों ने एक साथ अंगदान का संकल्प लेकर मानव सेवा का संदेश दिया।
गायत्री परिवार ने घोषणा की कि यह Organ Donation Campaign अब देश के 26 राज्यों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग अंगदान के महत्व को समझें और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने के इस अभियान का हिस्सा बनें।
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जेपी नड्डा बोले- अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि Organ Donation Campaign केवल एक सामाजिक पहल नहीं बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि देश में हजारों मरीज ऐसे हैं जो किडनी, लिवर, हार्ट और अन्य महत्वपूर्ण अंगों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यदि अधिक लोग अंगदान का संकल्प लें तो हजारों परिवारों को नई उम्मीद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार ने अंगदान और देहदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का जो निर्णय लिया है, वह अत्यंत सराहनीय है। आने वाले समय में यह जनजागरण अभियान देश में एक नई सामाजिक क्रांति का आधार बन सकता है।
26 राज्यों में चलेगा व्यापक जनजागरण अभियान
गायत्री परिवार की ओर से बताया गया कि Organ Donation Campaign के तहत देश के 26 राज्यों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां, शपथ समारोह और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों के बीच अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और वैज्ञानिक व आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोणों से इसकी उपयोगिता को समझाना है। अभियान के दौरान युवाओं, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और धार्मिक संगठनों को भी इससे जोड़ने की योजना बनाई गई है।
सीएम धामी ने महर्षि दधीचि और राजा शिवि का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि दधीचि और राजा शिवि का त्याग आज भी पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि Organ Donation Campaign भारतीय संस्कृति की उसी सेवा और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य में दून मेडिकल कॉलेज में पहला किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा बोन बैंक की स्थापना भी की गई है ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार अंगदान को दे रही विशेष प्रोत्साहन
जेपी नड्डा ने बताया कि केंद्र सरकार अंगदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से किडनी, हार्ट और फेफड़ों के प्रत्यारोपण जैसी सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि देश में हर वर्ष 20 हजार से अधिक अंगदान किए जा रहे हैं, जबकि अंगदान का संकल्प लेने वाले लोगों की संख्या पांच लाख के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि Organ Donation Campaign इस संख्या को और तेजी से बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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आध्यात्मिक और वैज्ञानिक सोच का संगम
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अंगदान केवल चिकित्सा विज्ञान का विषय नहीं है बल्कि यह मानवता, करुणा और परोपकार की भावना का भी प्रतीक है। गायत्री परिवार का मानना है कि मृत्यु के बाद भी व्यक्ति अपने अंगों के माध्यम से कई लोगों को नया जीवन दे सकता है।
जेपी नड्डा ने आश्वासन दिया कि गायत्री परिवार के माध्यम से होने वाले देहदान और अंगदान का स्वास्थ्य विभाग पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ उपयोग करेगा, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सके।
नशामुक्ति अभियान की भी सराहना
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशामुक्ति और अंगदान जैसे अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि समाज इन दोनों क्षेत्रों में जागरूक होगा तो देश का स्वास्थ्य स्तर और अधिक मजबूत होगा।
हजारों लोगों ने लिया जीवन बचाने का संकल्प
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब हजारों लोगों ने एक साथ Organ Donation Campaign के तहत अंगदान की शपथ ली। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं भी अंगदान के लिए जागरूक रहेंगे और समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के अभियान लगातार चलते रहे तो भविष्य में अंगों की कमी के कारण होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
समाज में नई सोच विकसित करने की पहल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अब भी बड़ी संख्या में लोग अंगदान के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं रखते। ऐसे में धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे Organ Donation Campaign जैसे अभियान लोगों की सोच बदलने और समाज में सकारात्मक जागरूकता पैदा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
हरिद्वार से शुरू हुआ यह अभियान आने वाले महीनों में देशभर में नई चेतना फैलाने का प्रयास करेगा। सरकार और सामाजिक संगठनों की संयुक्त पहल से उम्मीद की जा रही है कि अधिक से अधिक लोग अंगदान के लिए आगे आएंगे और हजारों जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा।
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