International Yoga Day 2026: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के बनबसा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान सशस्त्र सेना के जवानों, योग साधकों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि International Yoga Day 2026 केवल एक आयोजन नहीं बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो आधुनिक जीवन की कई समस्याओं का प्राकृतिक समाधान प्रदान करती है।
तनाव और अवसाद से लड़ने का प्रभावी माध्यम है योग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अनियमित जीवनशैली लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि International Yoga Day 2026 का संदेश केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर व्यक्ति को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनता है।
योग और अध्यात्म की धरती है उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड प्राचीन काल से ही योग, अध्यात्म और साधना की भूमि रहा है। हिमालय की गोद में स्थित यह प्रदेश ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रहा है और आज भी दुनिया भर के लोग यहां योग और ध्यान के लिए आते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर योग और वेलनेस का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। International Yoga Day 2026 के अवसर पर उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की योग एवं वेलनेस कैपिटल के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
देश की पहली योग नीति लागू करने वाला राज्य बना उत्तराखंड
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां विशेष योग नीति लागू की गई है। इस नीति के तहत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।
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इसके अलावा योग और आयुष से जुड़े शोध कार्यों को प्रोत्साहन देने के लिए 10 लाख रुपये तक का अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित कर रही है और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि International Yoga Day 2026 के माध्यम से उत्तराखंड की पहचान एक वैश्विक योग केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।
शारदा नदी तट को बनाया जाएगा योग और आध्यात्मिक केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य शारदा नदी तट को योग और आध्यात्मिक साधना के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से शारदा कॉरिडोर परियोजना पर काम किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट और कई धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा।
परियोजना के पहले चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्य शुरू किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र को पर्यटन और आध्यात्मिक दृष्टि से नई पहचान दिलाना है।
युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाने की अपील
International Yoga Day 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहें और योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित युवा ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की नींव रख सकते हैं। योग व्यक्ति में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को बढ़ाता है, जिससे समाज में भी सकारात्मक बदलाव आते हैं।
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“एक वृक्ष योग के नाम” अभियान के तहत किया पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना के जवानों के साथ “एक वृक्ष योग के नाम” अभियान में भाग लिया। बनबसा मिनी स्टेडियम परिसर में उन्होंने आम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रकृति और योग का गहरा संबंध है। जिस तरह योग शरीर और मन को स्वस्थ रखता है, उसी प्रकार वृक्ष और हरियाली पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
योग को जन आंदोलन बनाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि International Yoga Day 2026 का उद्देश्य केवल सामूहिक योगाभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकाले, तो समाज को स्वस्थ, सकारात्मक और खुशहाल बनाया जा सकता है।
उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जीवन का हिस्सा बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और समृद्ध भविष्य का निर्माण करें।
बनबसा में आयोजित यह कार्यक्रम एक बार फिर इस बात का प्रमाण बना कि योग भारत की प्राचीन धरोहर होने के साथ-साथ आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का संदेश देने वाला माध्यम बन चुका है।
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