CBSE Revaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड के लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कई घंटों तक तकनीकी दिक्कतों के कारण बंद रहने के बाद आखिरकार CBSE Revaluation 2026 के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा लाइव कर दिया गया है। अब छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सोमवार से लगातार ठप पड़े पोर्टल के कारण छात्र और अभिभावक काफी परेशान थे। कई छात्र लॉगिन नहीं कर पा रहे थे, जबकि कुछ छात्रों की फीस पेमेंट भी फेल हो रही थी। लंबे इंतजार के बाद सीबीएसई ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि पोर्टल अब पूरी तरह काम कर रहा है और छात्र स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
CBSE Revaluation 2026 को लेकर छात्रों में बढ़ी बेचैनी
इस साल 12वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 18 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। रिजल्ट घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अपने अंकों को लेकर असंतोष जताया। इसके बाद हजारों छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया।
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लेकिन जैसे ही बोर्ड ने पोर्टल खोला, भारी ट्रैफिक के चलते वेबसाइट बार-बार क्रैश होने लगी। कई छात्रों का आरोप था कि उन्हें अपनी कॉपी देखने का मौका ही नहीं मिल पाया। कुछ छात्रों ने शिकायत की कि उनकी स्कैन कॉपी धुंधली थी, जबकि कई मामलों में पन्ने गायब मिले। इन शिकायतों के बाद CBSE Revaluation 2026 को लेकर विवाद बढ़ गया और सोशल मीडिया पर छात्रों ने बोर्ड की व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
कैसे करें री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन?
CBSE ने छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने का दावा किया है। छात्र अब cbseit.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
स्टेप 1: सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर “Verification of Marks” वाले विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 2: स्क्रीन पर उन विषयों की सूची दिखाई देगी जिनकी स्कैन कॉपी उपलब्ध है।
स्टेप 3: उस विषय का चयन करें जिसमें आपको लगता है कि अंक जोड़ने या मूल्यांकन में गलती हुई है।
स्टेप 4: अब स्क्रीन पर संभावित त्रुटियों की सूची दिखाई देगी। अपनी समस्या के अनुसार विकल्प चुनें।
स्टेप 5: सभी जानकारी जांचने के बाद “Submit” बटन पर क्लिक करें और फीस जमा करें।
CBSE Revaluation 2026 के तहत छात्र केवल उन्हीं विषयों में आवेदन कर सकते हैं जिनकी स्कैन कॉपी उन्होंने पहले प्राप्त की हो।
19 मई को खुला था पहला पोर्टल
बोर्ड ने 19 मई को स्कैन आंसर शीट देखने का पोर्टल शुरू किया था। हालांकि पहले ही दिन वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ गया और सर्वर ठप हो गया। इसके बाद बोर्ड को आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ानी पड़ी।
पहले आवेदन की अंतिम तारीख 22 मई रखी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 23 मई कर दिया गया। लेकिन तकनीकी समस्याएं खत्म नहीं हुईं। कई छात्र लगातार शिकायत करते रहे कि वे पोर्टल एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। कुछ मामलों में छात्रों को किसी अन्य छात्र की कॉपी दिखाई देने का भी दावा किया गया। इस पूरे मामले ने CBSE Revaluation 2026 की प्रक्रिया को विवादों में ला दिया।
शिक्षा मंत्रालय ने भी लिया संज्ञान
मामला बढ़ने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से रिपोर्ट मांगी। बोर्ड से पूछा गया कि आखिर लाखों छात्रों की कॉपियों के डिजिटल सिस्टम में इतनी बड़ी गड़बड़ियां कैसे हुईं।
छात्रों और पैरेंट्स का कहना था कि अगर मूल्यांकन प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है, तो उसमें पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती होना बेहद जरूरी है। कई अभिभावकों ने कहा कि बच्चों का भविष्य ऐसी तकनीकी लापरवाही से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
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4 लाख से ज्यादा छात्रों ने मांगी कॉपी
सीबीएसई की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 4,04,319 छात्रों ने आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया। इन छात्रों ने कुल 11,31,961 उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी मांगी थी।
बोर्ड ने बताया कि अब तक लगभग 8,98,214 स्कैन कॉपियां डिजिटल माध्यम से छात्रों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। हालांकि अभी भी कुछ छात्रों को कॉपी मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों ने उठाए कई बड़े सवाल
CBSE Revaluation 2026 के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका को लेकर सामने आईं। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने परीक्षा के दौरान सप्लीमेंट्री शीट ली थी, लेकिन स्कैन कॉपी में वह हिस्सा दिखाई नहीं दे रहा।
कुछ छात्रों का कहना है कि उन्हें मिले पन्ने पूरी तरह ब्लर थे, जिससे उत्तर पढ़ना संभव नहीं था। इस वजह से छात्र यह तय नहीं कर पा रहे थे कि उन्हें री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करना चाहिए या नहीं।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सीबीएसई को अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करना होगा। हर साल लाखों छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं और रिजल्ट के बाद री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
फिलहाल बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर समय रहते आवेदन पूरा कर लें और किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या लिंक से बचें। CBSE Revaluation 2026 को लेकर छात्रों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बोर्ड उनकी शिकायतों का समाधान कितनी तेजी और पारदर्शिता से करता है।
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