Haryana में कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन से पहले Haryana पुलिस ने कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए। रेवाड़ी और करनाल में कांग्रेस नेताओं को उनके घरों तक सीमित रखा गया, जबकि पुलिस टीमों ने उनके आवासों पर निगरानी बढ़ा दी। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है और विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बताया है।
Haryana: रेवाड़ी में कांग्रेस नेताओं को घरों पर रोका गया
Haryana के रेवाड़ी जिले में कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष छावड़ी और शहरी जिला अध्यक्ष प्रवीण चौधरी को मंगलवार सुबह उनके आवासों पर पुलिस की निगरानी में रखा गया। पुलिसकर्मी सुबह से ही उनके घरों के बाहर तैनात रहे और उनकी आवाजाही पर नजर बनाए रखी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें दिल्ली जाकर राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। उनका आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
करनाल में भी पुलिस की सख्ती जारी रही Haryana News Update
Haryana के करनाल जिले में भी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता दिखाई। करनाल पुलिस की टीम कांग्रेस के शहरी प्रधान पराग गाबा के मॉल रोड स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की और उनके कार्यक्रमों तथा संभावित यात्रा की जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें भी एहतियातन घर पर रहने की सलाह दी। पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
Haryana: राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर बढ़ाई गई निगरानी
Haryana में राहुल गांधी के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए विभिन्न जिलों में कांग्रेस नेताओं की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। साथ ही कई स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
कांग्रेस नेताओं ने उठाए कार्रवाई पर सवाल Haryana Latest Update
Haryana में हुई इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई है। शहरी जिला अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बिना किसी वैधानिक आदेश के घर पर रोक दिया। वहीं ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष छावड़ी का कहना है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन में भाग लेना उनका संवैधानिक अधिकार है और उन्हें उससे वंचित किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और इससे राजनीतिक स्वतंत्रता प्रभावित होती है।
Haryana: पूर्व नेताओं की गतिविधियों पर भी रही नजर
Haryana में प्रशासन ने केवल जिला स्तर के नेताओं तक ही निगरानी सीमित नहीं रखी। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव की गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर रही। हालांकि वे मंगलवार देर शाम गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए। वहीं पूर्व विधायक चिरंजीव राव भी गुरुग्राम में मौजूद बताए गए, जिनकी गतिविधियों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
Haryana: कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर प्रशासन का जोर
Haryana प्रशासन का कहना है कि उठाए गए सभी कदम पूरी तरह एहतियाती हैं और उनका उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। दूसरी ओर कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक गतिविधियों को सीमित करने के उद्देश्य से की गई है।
फिलहाल पुलिस की निगरानी जारी है और प्रशासन आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


