Valley of Flowers National Park: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध Valley of Flowers National Park एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार हो गई है। हर साल की तरह इस बार भी जून महीने की शुरुआत के साथ फूलों की घाटी को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है। प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकर्स और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती, जहां हजारों दुर्लभ और रंग-बिरंगे फूलों की खूबसूरती लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल Valley of Flowers National Park के खुलने के साथ ही स्थानीय पर्यटन कारोबार में भी नई उम्मीद जगी है। होटल व्यवसायियों, ट्रेक गाइड्स, पोर्टर्स और स्थानीय दुकानदारों को इस सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
जून से अक्टूबर तक खुली रहेगी घाटी
प्रशासन के अनुसार Valley of Flowers National Park हर वर्ष 1 जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खोली जाती है। हालांकि मौसम और बर्फबारी की स्थिति को देखते हुए समय में बदलाव भी किया जा सकता है।
मानसून शुरू होते ही घाटी में फूलों की बहार दिखाई देने लगती है। जुलाई और अगस्त के महीनों में यहां का नजारा सबसे अधिक आकर्षक माना जाता है, जब पूरी घाटी अलग-अलग रंगों के फूलों से ढक जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर तक घाटी में फूलों का सौंदर्य अपने चरम पर पहुंच जाता है। इसी दौरान देश-विदेश से हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
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500 से ज्यादा प्रजातियों के फूल बनते हैं आकर्षण
Valley of Flowers National Park की सबसे बड़ी खासियत यहां पाए जाने वाले दुर्लभ फूल और वनस्पतियां हैं। यहां करीब 500 से अधिक प्रजातियों के देशी और विदेशी फूल खिलते हैं।
इनमें ब्रह्म कमल, ब्लू पॉपी, कोबरा लिली, प्रिमुला, एनीमोनी और कई हिमालयी दुर्लभ फूल शामिल हैं। फूलों के अलावा यहां रंग-बिरंगी तितलियां, जड़ी-बूटियां और कई प्रकार की वनस्पतियां भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घाटी जैव विविधता का बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां कई ऐसी वनस्पतियां पाई जाती हैं जो औषधीय दृष्टि से बेहद मूल्यवान मानी जाती हैं।
ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए खास अनुभव
Valley of Flowers National Park तक पहुंचने का सफर भी किसी रोमांच से कम नहीं है। पर्यटकों को गोविंदघाट से लगभग 13 किलोमीटर का ट्रेक करके घांघरिया पहुंचना पड़ता है।
इसके बाद घांघरिया से करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर घाटी के प्रवेश द्वार तक पहुंचा जाता है। रास्ते में ऊंचे पहाड़, झरने, हरियाली और बर्फ से ढकी चोटियां यात्रियों का मन मोह लेती हैं। ट्रेकिंग के दौरान पर्यटकों को हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता को बेहद करीब से देखने का मौका मिलता है। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में एडवेंचर प्रेमी यहां पहुंचते हैं।
नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है घाटी
Valley of Flowers National Park नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के अंतर्गत आता है। यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
घाटी के बीचों-बीच बहने वाली पुष्पावती नदी इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देती है। दूर-दूर तक फैले ग्लेशियर, प्राकृतिक झरने और बर्फ से ढके पहाड़ यहां आने वाले पर्यटकों को अलग ही अनुभव कराते हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है ताकि यहां की प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रह सके।
स्थानीय पर्यटन कारोबार को मिलेगा फायदा
Valley of Flowers National Park खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों में उत्साह देखा जा रहा है। घांघरिया, गोविंदघाट और आसपास के इलाकों में होटल, होमस्टे और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को इस सीजन में बेहतर कमाई की उम्मीद है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि फूलों की घाटी का सीजन उनके लिए रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत होता है। बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटक स्थानीय बाजारों और व्यवसायों को भी मजबूती देते हैं। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग भी इस बार पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दे रहे हैं।
पर्यटकों के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश
वन विभाग ने Valley of Flowers National Park आने वाले पर्यटकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। घाटी के अंदर प्लास्टिक ले जाने पर रोक है और पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। साथ ही सूर्यास्त से पहले घाटी से बाहर लौटना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे फूलों और वनस्पतियों को नुकसान न पहुंचाएं और प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा में सहयोग करें।
प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं
Valley of Flowers National Park केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति की अनमोल धरोहर मानी जाती है। यहां की वादियां, दुर्लभ फूल और शांत वातावरण हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
यही वजह है कि हर साल हजारों पर्यटक इस खूबसूरत घाटी का दीदार करने उत्तराखंड पहुंचते हैं। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि फूलों की घाटी में बड़ी संख्या में देशी और विदेशी सैलानी पहुंचेंगे और हिमालय की इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेंगे।
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