FRI Reopens for Tourists: Forest Research Institute यानी एफआरआई एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। करीब चार महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार से यहां पर्यटकों की एंट्री शुरू हो गई। हालांकि इस बार संस्थान में प्रवेश पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। नई सुरक्षा व्यवस्था, बढ़ी हुई एंट्री फीस और वाहन शुल्क के साथ अब पर्यटकों को परिसर में प्रवेश मिलेगा।
देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए FRI लंबे समय से सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल रहा है। इसकी ऐतिहासिक इमारत, विशाल हरियाली और ब्रिटिशकालीन वास्तुकला दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करती है। लेकिन अब नई व्यवस्थाओं के चलते यहां घूमना पहले से अधिक खर्चीला हो गया है।
चार महीने बाद खुला परिसर
FRI प्रशासन ने जनवरी के अंत में संस्थान को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। उस समय परिसर में मरम्मत कार्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने का काम शुरू किया गया था। अब सभी जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद संस्थान को दोबारा आम लोगों के लिए खोल दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों की आवाजाही और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। FRI Reopens for Tourists की खबर सामने आते ही देहरादून में घूमने आए पर्यटकों के बीच उत्साह देखने को मिला।
एंट्री फीस में कई गुना बढ़ोतरी
एफआरआई प्रशासन ने 25 मई 2026 से नई शुल्क दरें लागू कर दी हैं। अब भारतीय पर्यटकों को परिसर में प्रवेश के लिए 100 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क देना होगा। वहीं विदेशी नागरिकों के लिए एंट्री फीस सीधे 1000 रुपये कर दी गई है।
पहले भारतीय पर्यटकों के लिए यह शुल्क लगभग 20 रुपये था, जबकि विदेशी नागरिक करीब 150 रुपये देकर परिसर में प्रवेश कर सकते थे। नई दरों के लागू होने के बाद फीस में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। FRI Reopens for Tourists के साथ बढ़ी हुई फीस को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वाहन शुल्क भी हुआ तय
सिर्फ एंट्री फीस ही नहीं, बल्कि वाहन शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। नई व्यवस्था के अनुसार:
- दोपहिया वाहन: 50 रुपये
- निजी कार और टैक्सी: 150 रुपये
- ऑटो रिक्शा: 100 रुपये
- बस और ट्रक: 300 रुपये
इसके अलावा बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करने वालों पर 1000 रुपये प्रति व्यक्ति जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा और परिसर के बेहतर रखरखाव को सुनिश्चित करना है।
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संग्रहालय घूमना भी हुआ महंगा
एफआरआई अपने विश्वस्तरीय संग्रहालयों के लिए भी जाना जाता है। यहां लकड़ी, वनस्पति, वन संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े कई दुर्लभ संग्रह मौजूद हैं। लेकिन अब संग्रहालय देखने के लिए भी पर्यटकों को पहले से ज्यादा शुल्क देना होगा।
नई दरों के अनुसार भारतीय वयस्क पर्यटकों के लिए संग्रहालय टिकट 150 रुपये तय किया गया है, जबकि विदेशी नागरिकों को 1500 रुपये देने होंगे। स्कूल समूहों के बच्चों के लिए 30 रुपये प्रति छात्र और कॉलेज छात्रों के लिए 50 रुपये प्रति छात्र शुल्क निर्धारित किया गया है। कई पर्यटकों का कहना है कि अब FRI संग्रहालय घूमना कुछ ऐतिहासिक स्मारकों से भी ज्यादा महंगा हो गया है।
ब्रिटिशकालीन वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण
Forest Research Institute की पहचान सिर्फ एक शैक्षणिक संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि देहरादून की सबसे प्रतिष्ठित विरासत इमारतों में भी होती है।
करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह परिसर अपनी हरियाली, विशाल लॉन और दुर्लभ पेड़ों की प्रजातियों के लिए मशहूर है। लाल ईंटों से बनी इसकी भव्य इमारत ब्रिटिशकालीन वास्तुकला का शानदार उदाहरण मानी जाती है। इस भवन को प्रसिद्ध वास्तुकार सी.जी. ब्लामफील्ड ने डिजाइन किया था। इसकी सुंदरता के कारण यहां कई बॉलीवुड फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग भी हो चुकी है।
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1878 से जुड़ा है संस्थान का इतिहास
FRI की स्थापना वर्ष 1878 में फॉरेस्ट स्कूल ऑफ देहरादून के रूप में हुई थी। बाद में इसे इम्पीरियल फॉरेस्ट स्कूल और फिर इम्पीरियल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित किया गया।
स्वतंत्रता के बाद इसका नाम वन अनुसंधान संस्थान रखा गया। वर्ष 1991 में इसे डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला। आज यह संस्थान देश के सबसे महत्वपूर्ण वानिकी अनुसंधान केंद्रों में गिना जाता है।
पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र
गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक देहरादून और मसूरी घूमने पहुंचते हैं। ऐसे में FRI Reopens for Tourists की खबर पर्यटन कारोबार के लिए भी राहत मानी जा रही है।
स्थानीय होटल व्यवसायियों और टैक्सी संचालकों का कहना है कि एफआरआई खुलने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। खासकर गर्मियों की छुट्टियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचने की उम्मीद है।
हालांकि बढ़ी हुई फीस को लेकर कुछ पर्यटक असंतोष भी जता रहे हैं, लेकिन प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से परिसर की सुरक्षा और रखरखाव बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
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