Petrol Price Hike: देशभर में एक बार फिर Petrol Price Hike ने आम लोगों की जेब पर बड़ा असर डालना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी कर दी है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत पहली बार 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जबकि डीजल भी 95 रुपये प्रति लीटर से ऊपर निकल चुका है।
नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पिछले 11 दिनों में चौथी बार हुए इस इजाफे ने आम आदमी, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर ऐसे समय में जब पहले से ही महंगाई चरम पर है, ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि हर वर्ग को प्रभावित करती दिखाई दे रही है।
11 दिनों में चार बार बढ़े दाम
15 मई के बाद से लगातार तेल कंपनियां ईंधन के दाम बढ़ा रही हैं। सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को लगभग 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ। फिर शनिवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में क्रमशः 87 पैसे और 91 पैसे की वृद्धि की गई। अब एक बार फिर दोनों ईंधनों की कीमत में 2 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी गई है।
इस तरह से केवल 11 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। लगातार हो रही Petrol Price Hike ने लोगों के घरेलू बजट को पूरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
मेट्रो शहरों में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें
नई कीमतों के बाद देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
वहीं डीजल की बात करें तो दिल्ली में इसकी कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। कोलकाता में डीजल 99.82 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लगातार हो रही Petrol Price Hike का असर अब परिवहन लागत और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
CNG की कीमतों में भी लगातार इजाफा
पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ CNG की कीमतों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। शनिवार को CNG के दाम में एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई। दिल्ली में अब CNG की कीमत 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
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पिछले कुछ दिनों में यह तीसरी बार है जब CNG महंगी हुई है। 15 मई को पहली बार 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 17 मई को एक रुपये और अब फिर एक रुपये का इजाफा हुआ है। कुल मिलाकर CNG के दाम करीब 4 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि Petrol Price Hike और CNG की बढ़ती कीमतों का सीधा असर ऑटो, टैक्सी और मालवाहक वाहनों के किराए पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है।
खाड़ी संकट बना मुख्य वजह
तेल की कीमतों में इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी तनाव को माना जा रहा है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट में तेल परिवहन बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50 फीसदी से अधिक की वृद्धि देखी गई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
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विशेषज्ञों के अनुसार यदि पश्चिम एशिया में हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में Petrol Price Hike और तेज हो सकती है। इससे देश में महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका है।
आम जनता और कारोबार पर असर
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पेट्रोल और डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है, जिसका असर फल-सब्जियों से लेकर रोजमर्रा की हर वस्तु पर पड़ता है। ट्रक ऑपरेटर और टैक्सी यूनियन भी सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं।
कई लोगों का कहना है कि लंबे समय तक दाम स्थिर रहने के बाद अचानक इतनी तेज बढ़ोतरी ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार Petrol Price Hike को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
सरकार पर बढ़ा दबाव
तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अब सरकार पर टैक्स में राहत देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें वैट और एक्साइज ड्यूटी में कटौती करती हैं, तो आम जनता को कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि फिलहाल अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए जल्द राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। ऐसे में आम लोगों को आने वाले दिनों में और महंगे ईंधन के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
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