US Iran negotiations: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में लंबे समय से जारी भीषण संघर्ष और तनाव को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान के साथ जारी युद्ध और सैन्य गतिरोध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए तेहरान के सामने पांच बेहद सख्त और बड़ी शर्तें रख दी हैं. इन शर्तों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नियंत्रित करने से लेकर उसके यूरेनियम भंडार को जब्त करने जैसे कई संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं. अमेरिका और ईरान के बीच इस कूटनीतिक बातचीत को लेकर वैश्विक स्तर पर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इन शर्तों ने तेहरान की चिंताएं बढ़ा दी हैं. (US Iran negotiations)
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की इन कठोर शर्तों के सामने आने के बाद शांति वार्ता के फिर से खटाई में पड़ने के आसार नजर आने लगे हैं. ईरान की तरफ से शुरुआती जो प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, उनसे साफ है कि वह इन शर्तों को एकतरफा और दमनकारी मान रहा है. ईरान का मानना है कि अमेरिका कूटनीतिक मेज पर वो बातें मनवाना चाहता है, जो वह सीधे सैन्य मोर्चे पर या युद्ध के मैदान में हासिल नहीं कर सका. दोनों देशों के बीच जारी इस तनावपूर्ण बातचीत के बीच अब हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या तेहरान इन शर्तों के आगे घुटने टेकेगा या फिर मिडल ईस्ट में जंग की यह आग और ज्यादा भड़क जाएगी. (US Iran negotiations)
ट्रंप प्रशासन की वो 5 बड़ी शर्तें, जिसने ईरान को चौंकाया
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स न्यूज’ की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने चल रही बातचीत के दौरान जो पांच प्रमुख शर्तें रखी हैं, वे इस प्रकार हैं,
कोई मुआवजा नहीं: अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वाशिंगटन द्वारा तेहरान पर पहले से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों और अमेरिकी नीतियों के कारण ईरान को जो भी वित्तीय या ढांचागत नुकसान हुआ है, उसके लिए कोई मुआवजा (कंपनसेशन) नहीं दिया जाएगा. (US Iran negotiations)
यूरेनियम सौंपने की मांग: अमेरिका ने कथित तौर पर यह मांग की है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार में से 400 किलोग्राम इनरिच्ड यूरेनियम सीधे वाशिंगटन को सौंप दे. (US Iran negotiations)
परमाणु संयंत्रों में भारी कटौती: वाशिंगटन की तीसरी सबसे कड़ी शर्त यह है कि ईरान अपनी मौजूदा सभी परमाणु सुविधाओं (Nuclear Facilities) में से सिर्फ एक को ही एक्टिव यानी सक्रिय रख सकता है, बाकी सभी को बंद करना होगा. (US Iran negotiations)
जमी हुई संपत्ति पर रोक: चौथी शर्त के तहत अमेरिका ने विदेशों में फ्रीज की गई ईरान की कुल संपत्ति का 25 प्रतिशत हिस्सा वापस जारी करने से साफ इनकार कर दिया है. संघर्ष विराम का
अंतिम रोडमैप: पांचवीं शर्त में अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न क्षेत्रीय मोर्चों पर जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत में ठोस प्रगति और कड़ाई से इसके समापन पर ही आगे बढ़ा जाएगा. (US Iran negotiations)
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बिना किसी रियात के सब कुछ हासिल करना चाहता है अमेरिका
अमेरिका के इस आक्रामक रुख पर ईरान की ‘मेहर न्यूज एजेंसी’ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. ईरानी मीडिया का कहना है कि अमेरिका बिना किसी वास्तविक समझौते या बड़ी ढील के अपनी मनमर्जी थोप रहा है. मेहर न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है’अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के प्रस्ताव पर कोई ठोस रियायत नहीं दी है. अमेरिका बिना किसी वास्तविक रियायत वो सारी मांगें मनवाना चाहता है, जिन्हें वह युद्ध के दौरान हासिल नहीं कर पाया. इससे बातचीत फिर से मुश्किल में फंस सकती है.’ (US Iran negotiations)
ईरान ने भी चली चाल
अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के बजाय तेहरान ने भी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कूटनीतिक मेज पर अपनी 5 पूर्व शर्तें (Pre-conditions) रख दी हैं. ईरान का कहना है कि जब तक इन ‘कॉन्फिडेंस-बिल्डिंग’ मुद्दों पर सहमति नहीं बनती, तब तक बात आगे नहीं बढ़ेगी. ईरान की मांगों में शामिल हैं। लेबनान सहित सभी वैश्विक और क्षेत्रीय मोर्चों पर जारी सैन्य संघर्ष और तनाव को तुरंत पूरी तरह खत्म किया जाए. (US Iran negotiations)
- ईरान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने वाले सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाया जाए.
- विदेशों में अवैध रूप से जब्त और जमी हुई ईरान की सभी विदेशी संपत्तियों को बिना शर्त तुरंत जारी किया जाए.
- अमेरिकी प्रतिबंधों और युद्ध की वजह से ईरान को हुए भारी नुकसान की पूरी भरपाई की जाए.
- वैश्विक तेल व्यापार और आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) पर ईरान की पूर्ण संप्रभुता को आधिकारिक मान्यता दी जाए.
- इन दोनों देशों की विरोधाभासी शर्तों को देखकर स्पष्ट है कि फिलहाल पश्चिम एशिया में शांति का रास्ता बेहद पथरीला नजर आ रहा है. (US Iran negotiations)
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