Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के तेवर एक बार फिर बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं। चीन दौरे से लौटने के बाद ट्रंप ने ईरान के कथित शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसके बाद मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर नए हमलों की तैयारी कर रहे हैं। खासतौर पर इस्फहान न्यूक्लियर फैसिलिटी को लेकर बड़ी सैन्य गतिविधियों की चर्चा तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। खबर है कि पाकिस्तान सरकार ने हालात को संभालने और अमेरिका का भरोसा बनाए रखने के लिए अपने गृह मंत्री Mohsin Naqvi को तुरंत तेहरान भेज दिया है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम कराने की कोशिश में जुटा है, ताकि खुद किसी बड़े संकट में न फंस जाए। (Trump Iran Warning)
ट्रंप ने क्यों ठुकराया ईरान का प्रस्ताव?
चीन से लौटते समय एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के कथित शांति प्रस्ताव पर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘मैंने ईरान का प्रस्ताव देखा, मुझे उसकी पहली लाइन ही पसंद नहीं आई और मैंने उसे कूड़ेदान में फेंक दिया।’ ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई। माना जा रहा है कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ ज्यादा आक्रामक रणनीति अपना सकता है। अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान में भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। (Trump Iran Warning)
इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर हमले की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी रक्षा विभाग और पेंटागन ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की नई योजना तैयार की है। दावा किया जा रहा है कि पिछले महीने रोके गए सैन्य अभियान को नए नाम से दोबारा शुरू किया जा सकता है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की न्यूक्लियर क्षमताओं को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। खासतौर पर Isfahan स्थित न्यूक्लियर साइट को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। (Trump Iran Warning)
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पाकिस्तान क्यों घबराया हुआ है?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर ईरानी लड़ाकू विमानों को शरण दी गई थी। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इन खबरों के बाद अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान से नाराज बताया जा रहा है। पाकिस्तान को डर है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव बढ़ा तो उसका असर पाकिस्तान पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि इस्लामाबाद अब कूटनीतिक स्तर पर तेजी से सक्रिय हो गया है। (Trump Iran Warning)
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तेहरान पहुंचे मोहसिन नकवी
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी का तेहरान दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिका के साथ टकराव कम करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को खराब नहीं होने देना चाहता। आर्थिक संकट और आईएमएफ सहायता पर निर्भर पाकिस्तान के लिए वॉशिंगटन का समर्थन बेहद जरूरी माना जाता है। (Trump Iran Warning)
मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा युद्ध का खतरा
ट्रंप के बयान और अमेरिकी सैन्य तैयारियों की खबरों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो क्षेत्र में बड़ा संघर्ष भड़क सकता है।फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान की अगली रणनीति पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि तनाव बातचीत से कम होगा या फिर मिडिल ईस्ट एक नए संकट की तरफ बढ़ेगा। (Trump Iran Warning)
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