Rahul Gandhi Foreign Trips: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर अपनी विदेश यात्रा को लेकर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं। बीजेपी ने राहुल गांधी की लगातार विदेश यात्राओं और उनके खर्चों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर राहुल गांधी की विदेश यात्राएं (Rahul Gandhi Foreign Trips) अब राजनीतिक गलियारों में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। बीजेपी का दावा है कि पिछले 22 वर्षों में राहुल गांधी ने दर्जनों निजी विदेश यात्राएं की हैं, लेकिन इन यात्राओं की फंडिंग को लेकर कभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई।
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बीजेपी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर क्या कहा?
बीजेपी नेता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी ने पिछले 22 वर्षों में करीब 54 विदेश यात्राएं की हैं। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी की विदेश यात्राएं (Rahul Gandhi Foreign Trips) सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद हैं, लेकिन इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है।
संबित पात्रा के मुताबिक राहुल गांधी की हर विदेश यात्रा में 3 से 4 लोग उनके साथ जाते रहे हैं। बीजेपी का आरोप है कि इन यात्राओं पर कुल खर्च लगभग 60 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। पात्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी की 10 वर्षों की घोषित आय लगभग 11 करोड़ रुपये रही, ऐसे में इतना बड़ा खर्च कैसे हुआ, यह बड़ा सवाल है।
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Rahul Gandhi Foreign Trips: किन देशों की यात्राओं का किया गया जिक्र?
बीजेपी ने दावा किया कि राहुल गांधी ने इटली, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, सिंगापुर, वियतनाम, बहरीन, कतर, मालदीव और UAE जैसे देशों की कई यात्राएं की हैं। राहुल गांधी की विदेश यात्राओं (Rahul Gandhi Foreign Trips) को लेकर बीजेपी का कहना है कि ये यात्राएं सार्वजनिक रूप से दर्ज हैं, लेकिन इनके खर्च की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
बीजेपी ने यह भी कहा कि संसदीय रिकॉर्ड, प्रेस रिलीज और सार्वजनिक तस्वीरों के आधार पर इन यात्राओं की जानकारी सामने आई है। पार्टी का सवाल है कि आखिर इन दौरों की आर्थिक व्यवस्था किसके जरिए की गई।
कांग्रेस की तरफ से अभी तक क्या प्रतिक्रिया?
फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि कांग्रेस पहले भी बीजेपी पर निजी मामलों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाती रही है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि, राहुल गांधी की विदेश यात्राओं (Rahul Gandhi Foreign Trips) का मुद्दा आने वाले दिनों में और ज्यादा गर्मा सकता है, खासकर जब लोकसभा चुनाव और विपक्षी राजनीति को लेकर माहौल पहले से ही सक्रिय है।
Rahul Gandhi Foreign Trips: राजनीतिक रणनीति या बड़ा मुद्दा?
विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी इस मुद्दे के जरिए राहुल गांधी की छवि पर सवाल उठाने की कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक हमला बता सकती है। राहुल गांधी की विदेश यात्राएं (Rahul Gandhi Foreign Trips) अब सिर्फ यात्रा का मामला नहीं रह गया, बल्कि यह पारदर्शिता, राजनीतिक जवाबदेही और फंडिंग जैसे सवालों से जुड़ चुका है।
बीजेपी लगातार यह मांग कर रही है कि राहुल गांधी अपनी विदेश यात्राओं और उनके खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करें। दूसरी तरफ विपक्ष इसे ध्यान भटकाने की राजनीति बता सकता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
बीजेपी के आरोप सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तीखी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को सामान्य राजनीतिक गतिविधि बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स फंडिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
एक वर्ग का कहना है कि विपक्ष के बड़े नेता होने के नाते राहुल गांधी की यात्राओं में कुछ भी असामान्य नहीं है। वहीं दूसरा पक्ष पूछ रहा है कि यदि खर्च इतना बड़ा है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। इसी कारण राहुल गांधी की विदेश यात्राएं (Rahul Gandhi Foreign Tour Funding) लगातार चर्चा में बना हुआ है।
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